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Varanasi News: ऋषि पंचमी पर याद किए गए पं. कमलापति त्रिपाठी, विरासत आगे बढ़ाने का संकल्प

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ऋषि पंचमी पर खजुरी स्थित कांग्रेस के दिवंगत नेता मनीष चौबे के आवास पर मंगलवार को पं. कमलापति त्रिपाठी की जयंती मनाई गई। इसमें उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि कमलापति त्रिपाठी की राजनीति विकास का बेमिसाल मॉडल थी। उन्होंने काशी और पूर्वांचल में कई जनकल्याणकारी विकास परियोजनाएं शुरू कराईं। अजय राय ने कहा कि त्रिपाठी की ओर से विकसित सिंचाई ढांचा, रिहंद बांध और ऊर्जांचल जैसी परियोजनाएं आज भी प्रासंगिक हैं।
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उन्होंने काशी की दो संस्थाओं को विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाया। अजय राय ने वर्तमान विकास कार्यों की गुणवत्ता पर चिंता जताई। संकटमोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने कहा कि कमलापति त्रिपाठी ने काशी की जरूरतों के अनुरूप विकास नीतियां बनाईं। उन्होंने नेहरू के नेतृत्व में आधुनिक भारत की नींव मजबूत करने में योगदान दिया। प्रो. सतीश राय ने त्रिपाठी के करीब 70 वर्ष के सार्वजनिक जीवन में योगदान को याद किया। आयोजन समिति के महामंत्री सतीश चौबे ने काशी पत्रकार संघ को पत्रकार कल्याण के लिए 30-30 हजार रुपये के दो चेक भेंट किए। अतिथियों का स्वागत देवांश चौबे, प्रमोद चौबे, दिलीप चौबे, नीरज चौबे और मयंक चौबे ने किया।
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में हिंदी तिथि के अनुसार ऋषि पंचमी पर मंगलवार को पं. कमलापति त्रिपाठी की 121वीं जयंती मनाई गई। मुख्य अतिथि राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या के कुलपति प्रो. बिजेंद्र सिंह ने कहा कि कमलापति त्रिपाठी का जीवन राष्ट्र, शिक्षा और संस्कृति के प्रति समर्पण का प्रेरक उदाहरण है। कुलपति बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि कमलापति त्रिपाठी ने आधुनिक युग में भी ऋषि परंपरा के अनुरूप साधना, त्याग, चिंतन और लोकमंगल को जीवन का आधार बनाया। उन्होंने संविधान सभा में हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने में त्रिपाठी की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि महापुरुषों की जयंती उनके विचारों और संकल्पों को याद करने का अवसर है। संस्कृत विश्वविद्यालयों को भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक प्रौद्योगिकी के बीच सेतु के रूप में विकसित करना होगा। यही कमलापति त्रिपाठी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया और पांच पौधे भी लगाए गए।
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