वाराणसी जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर पिंडरा में कचहरी परिसर के स्थानांतरण के मुद्दे पर आंदोलित अधिवक्ताओं को सीएम योगी आदित्यनाथ ने आश्वस्त किया कि कचहरी परिसर स्थानांतरित नहीं होगा।
अधिवक्ताओं, वादकारियों और काशीवासियों सहित अन्य सभी पक्षों से बातचीत के बाद ही इस मसले पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। कहा कि मौजूदा कचहरी परिसर के अगल-बगल ही विस्तार की समुचित व्यवस्था की जाएगी। सीएम ने ये बातें शुक्रवार को बाबतपुर एयरपोर्ट पर उनसे मिलने पहुंचे सेंट्रल और बनारस बार एसोसिएशन के अध्यक्ष से कहीं।
राज्य मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने अधिवक्ताओं की समस्या से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। वे शुक्रवार को सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक सिंह प्रिंस और बनारस बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुमार पांडेय को लेकर उनसे मुलाकात कराने बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचे।
अशोक सिंह प्रिंस ने बताया कि मुख्यमंत्री ने जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर कचहरी परिसर के स्थानांतरण की बात पर आश्चर्य जताया। मुख्यमंत्री को बताया गया कि कचहरी परिसर के अगल-अगल बनारस क्लब और जिला उद्यान विभाग की पर्याप्त जमीन है।
इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। इसके बाद सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की इच्छा है कि काशी के अधिवक्ताओं के लिए उत्कृष्ट कार्य किए जाएं। मुख्यमंत्री ने दोनों बार एसोसिएशन के अध्यक्ष से कहा कि हड़ताल समाप्त करें।
सीएम योगी से मुलाकात के बाद सेंट्रल बार अध्यक्ष ने कहा कि शनिवार को सेंट्रल और बनारस बार की संयुक्त बैठक होगी। अधिवक्ताओं को मुख्यमंत्री से हुई वार्ता के बारे में जानकारी देकर आंदोलन समाप्त किया जाएगा।
वहीं, बनारस बार अध्यक्ष ने बताया कि संभावना है कि कचहरी स्थानांतरण जैसे गंभीर मसले पर 27 सितंबर को शासन स्तर पर बैठक होगी।