Varanasi News: ट्रेन में किशोरी का शव मिलने के मामले में परिजनों के साथ ही अन्य लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया है। लोगों ने मृतका को न्याय दिलाने की मांग की है। किशोरी का शव 20 फरवरी की रात में मिला था।
कपसेठी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 11वीं की छात्रा की रहस्यमय परिस्थितियों में हुई हत्या के विरोध में बुधवार को परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। कार्रवाई न होने से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पर जमकर नारेबाजी की। साथ ही सर्किट हाउस के पास सड़क जाम कर दिया। पुलिस के साथ उनकी तीखी नोकझोंक भी हुई। 16 वर्षीय छात्रा सेवापुरी के एक इंटर कॉलेज में 11वीं की छात्रा थी।
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पिता के अनुसार, 19 फरवरी को सुबह 11 बजे वह सहेली से किताब लेने की बात कहकर घर से निकली थी। 20 फरवरी की रात उसका शव लखनऊ-बनारस इंटरसिटी एक्सप्रेस के टॉयलेट के दरवाजे के पास जूट के बोरे में मिला था। शव के हाथ पैर बंधे थे।
परिजन आरोपियों को फांसी देने की मांग को लेकर बुधवार को जिलाधिकारी से मिलने पहुंचे। कैंट इंस्पेक्टर अजय राज वर्मा ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। परिजन अब तक कार्रवाई न होने से नाराज थे। इसके बाद परिजन पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचे और उनसे गुहार लगाई। पुलिस आयुक्त अशोक मुथा जैन के भरोसा दिलाने के बाग परिजन वापट लौट गए।
ट्रेन के सफाईकर्मियों ने देखा था शव
20 फरवरी की रात लखनऊ-बनारस इंटरसिटी ट्रेन बनारस स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर पांच पर पहुंची थी। सफाईकर्मी ट्रेन के जनरल कोच में गए तो दो टॉयलेट के बीचोबीच उन्हें बोरे में हाथ-पैर बंधा शव मिला। 21 फरवरी की देर शाम शव की पहचान हुई और इसके साथ ही पिता की तहरीर पर कपसेठी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।