सर्व सेवा संघ परिसर में कांग्रेस का धरना
- फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस के पूर्व सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने कहा कि हम लोग यहां बैठकर बुलडोजर का इंतजार कर रहे हैं। यह किसी की निजी जमीन नहीं बल्कि देश की धरोहर है। अगर इस धरोहर को गिराना है तो हमारे ऊपर से बुलडोजर लेकर जाएं और गिराए, लेकिन हम नहीं हटने वाले। कांग्रेस के प्रांतीय अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि सर्वसेवा संघ की जमीन को सरकार अधिग्रहीत करने जा रही है। लगभग 60 साल से यह जमीन इनकी है। यहां गांधी के विचारों वाले लोग रहते हैं। अब इस जमीन को हड़पने की कोशिश हो रही है। जब तक सरकार इस आदेश को वापस नहीं लेती है तब तक हम यहां ऐसे ही रहेंगे। समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है। चाहे कुछ भी हो जाए हमारे ऊपर से बुलडोजर चल जाए, हम इस विरासत को ध्वस्त नहीं होने देंगे।
राजघाट स्थित सर्व सेवा संघ के अवैध निर्माण को हटाने के विरोध और कोर्ट में मामला लंबित होने से रेलवे अधिकारियों का दल नहीं पहुंचा। हालांकि विरोध करने के लिए 20 से अधिक सामाजिक कार्यकर्ता देश के अलग-अलग राज्यों से सर्व सेवा संघ मुख्य द्वार पर दिन भर धरने पर बैठे रहे। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के उप मुख्य अभियंता आकाशदीप ने बताया कि मामला कोर्ट में होने की वजह से फिलहाल कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। कोर्ट के फैसले का इंतजार है।
सर्वसेवा संघ के प्रबंधक ट्रस्टी महादेव विद्रोही ने बताया कि लालबहादुर शास्त्री और जगजीवन राम के प्रयास से रेलवे से जमीन खरीदी गई थी। दो भूखंडों का दाखिल खारिज सर्व सेवा संघ के नाम पर है। एक भाग के लिए 2019 में दाखिल खारिज के लिए आवेदन किया गया था। अब अचानक रेलवे कह रहा है कि दस्तावेज गलत है। जिस अधिकारी ने बेचा उसे ऐसा करने का अधिकार नहीं था। सरकार को स्वीकार नहीं है कि गांधी की संस्थाएं चलें। यह प्रॉपर्टी सरकार की नहीं सर्वसेवा संघ की है।