इधर, सर्व सेवा संघ के भवनों को तोड़ने की जानकारी पाकर बुधवार को दिल्ली के प्रो. राजकुमार जैन, प्रो. रमाशंकर सिंह, जेएनयू के प्रो. आनंद कुमार, सुनील, अभय क्रांतिवीर, शुभम बनवासी, धनंजय, महेंद्र राठौर, अरविंद सिंह आदि लोग धरना स्थल पर पहुंच गए। शाम 4:30 बजे तक सर्व सेवा संघ के अंदर शांतिपूर्ण तरीके से गांधीवादियों का धरना प्रदर्शन चल रहा था।
सत्याग्रहियों ने आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत के काशी प्रवास पर होने के कारण उनसे सामूहिक अपील की। उन्होंने कहा कि भूदान आंदोलन के प्रणेता संत विनोबा भावे ने वाराणसी के राजघाट में साधना केंद्र की स्थापना की थी, जिसका उद्देश्य था समाज कार्य व राष्ट्र निर्माण के लिए युवक व युवतियों को तैयार करना। सरसंचालक से अपील की गई कि इस तरह की गतिविधियां तत्काल रुकवाएं। अन्यथा देश की एक बड़ी महत्वपूर्ण विरासत ध्वस्त हो जाएगी।