महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्रों ने कुलपति कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर सुरक्षा की मांग की। छात्रों का आरोप है कि परिसर में गार्ड की नियुक्ति के बावजूद सुरक्षा के किसी मानक का उपयोग नहीं हो रहा लिहाजा सवाल खड़े हो रहे है।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में बुधवार को छात्रों ने कुलपति कार्यालय पर तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। करीब डेढ़ घंटे तक छात्र कार्यालय के गेट पर ही बैठे रहे, इस वजह से कुलपति बाहर नहीं निकल सके। चीफ प्रॉक्टर और विश्वविद्यालय चौकी पर तैनात पुलिस कर्मी भी पहुंचे।
विज्ञापन
उन्होंने छात्रों से कार्यालय वाली जगह को खाली करने को कहा, लेकिन वो नहीं माने। चीफ प्रॉक्टर ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया तब जाकर छात्रों ने धरना समाप्त किया। विश्वविद्यालय परिसर में 11 मार्च को छात्र-छात्रा होली समारोह मना रहे थे।
इस दौरान परिसर के बाहर से कुछ लोग अंदर आए गए। दोनों तरफ से पहले कहासुनी हुई, बाद में पत्थरबाजी शुरू हो गई। इसी घटना को लेकर छात्रों ने नाराजगी जताई और कुलपति कार्यालय पहुंचकर धरना दिया। छात्रों का कहना था कि घटना की जानकारी उस दिन भी विश्वविद्यालय प्रशासन को दी गई थी, लेकिन ठोस कदम नहीं उठाया गया।
विज्ञापन
कहा कि प्रवेश द्वार से लेकर कुलपति आवास की दीवार तक फैली अवैध दुकानों को हटाया जाए, ये सुरक्षा के लिए खतरा हैं। सुबह छात्र पहले गांधी स्मृति स्थल पर प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान चीफ प्रॉक्टर पहुंचे तो वहां नोकझोंक शुरू हो गई।
छात्र नेता अंशु मिश्रा ने बताया कि दुकानों को हटाने तक विरोध जारी रहेगा। आशुतोष तिवारी ने कहा कि विश्वविद्यालय में सुरक्षा के नाम पर कुछ भी नहीं है। चीफ प्रॉक्टर प्रो. केके सिंह ने छात्रों को बताया कि होली के दौरान बाहरी लोगों ने कैंपस में घुसकर उत्पात मचाया था। इसकी जानकारी पुलिस को दी गई और कुछ लोगों को पकड़ा भी गया। अवैध दुकानों को हटाने के मामले में पुलिस और निगम को जानकारी दी गई है।