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काशी में होगा राम का राज्याभिषेक: विश्वनाथ धाम में जलेंगे 21 हजार दीप, शृंगार गौरी का विशेष पूजन; जानें खास

Wed, 19 Mar 2025 05:36 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

काशी विश्वनाथ धाम में 21 से 29 मार्च तक आध्यात्मिक आयोजन होंगे। 21 हजार दीपक मां शृंगार गाैरी के चरणों में अर्पित किए जाएंगे। इस दिन भव्य तरीके से सत्संग और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
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पत्रकारवार्ता में जानकारी देते लोग। - फोटो : अमर उजाला
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मैदागिन स्थित पराड़कर स्मृति भवन में श्री काशी सत्संग मंडल के तत्वावधान में प्रेस वार्ता का आयोजन हुआ। आचार्य सूर्यलाल मिश्रा (संरक्षक) सुरेंद्र कुमार अग्रवाल (अध्यक्ष) देवेंद्र कुमार पाठक (कार्यकारी अध्यक्ष) ने संयुक्त रूप से संबोधित किया।

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बताया कि श्री काशी सत्संग मंडल श्री काशी विश्वनाथ धाम में श्री रामचरितमानस नवाह्न परायण ज्ञान महायज्ञ वर्ष 67 परम पूज्य आचार्य सूर्य लाल महाराज के नेतृत्व में 67 वर्षों से अनवरत यह कार्यक्रम चला आ रहा है। 111 भू देवों द्वारा मानस पाठ किया जाता है।

पत्रकार वार्ता में बताया गया कि 20 मार्च की शाम 4 बजे राम दरबार की प्रतिमा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर धाम में स्थापित होगी। 21 मार्च को प्रातः 8 बजे शृंगार गौरी का दर्शन पूजन, 11 नारियल अर्पित कर नंदी जी का दर्शन पूजन किया जाएगा। इसके बाद श्री राम कथा का भव्य उद्घाटन स्वामी जीतेन्द्रानन्द सरस्वती (राष्ट्रीय महासचिव- अखिल भारतीय संत समिति) एवं महामंडलेश्वर स्वामी आशुतोषनंद न्याय वेदांताचार्य (कैलाश मठ काशी) करेंगे।
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22 मार्च को दोपहर 12 बजे श्री राम जन्मोत्सव मनाया जाएगा। चार पताका के साथ 23 मार्च को दोपहर 12 बजे श्री राम विवाह उत्सव मनाया जाएगा। 8 पटाका ध्वनि के साथ राम जन्म उत्सव के शुभ अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में चक्रपाणि महाराज (राष्ट्रीय अध्यक्ष- अखिल भारत हिंदू महासभा, संत महासभा) होंगे।

राम जन्म और राम विवाह के शुभ अवसर पर कई जनपदों के न्यायाधीश, जगतगुरु सुरेशाचार्य जी महाराज, प्रयाग पीठाधीश्वर योगीराज पागल बाबा, श्री काशी विश्वनाथ न्यास अध्यक्ष प्रोफेसर नागेंद्र पांडे, प्रोफेसर बृजभूषण ओझा न्यास सदस्य श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास, श्री घनश्याम सोनी जोनल डायरेक्टर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, जयपुर महामंडलेश्वर अरुण दास जी महाराज, श्री राम दास जी महाराज हनुमानगढ़ी अयोध्या, महंत श्री राम किशोर दास जी महाराज दिगंबर अखाड़ा, योग गुरु सूर्य उपासक चंद्रकांत बालाजी खड़के माननीय अनिल राजभर कैबिनेट मंत्री आदि लोग विशेष अवसरों पर भाग लेंगे।

प्रेस वार्ता के दौरान आचार्य सूर्यलाल मिश्र देवेंद्र कुमार पाठक बताया कि यह परंपरा ही नहीं मानवीय आदर्श की संहिता के रूप में श्री रामचरितमानस का परायण और प्रवचन आदि परम ज्ञान प्रकाश हेतु सभी जीवों के कल्याण की कामना ने श्री बाबा काशी विश्वनाथ धाम ज्ञानवापी स्थल जहां जीव को ज्ञान प्रदान कर भवसागर से मुक्ति का उद्देश्य  स्वयं अविनाशी शिवजी ने किया है श्री रामचरितमानस वेदों का पुराने का शास्त्र व संतों के अनुभव का सार है।

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