पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से मना किया लेकिन सभी कार्यकर्ता सर्किट हाउस से निकलकर कार्यक्रम स्थल जाने के लिए अड़ गए। ऐसे में पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में झड़प शुरू हो गई। मामला बढ़ने लगा तो पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया।
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने कई नेताओं को घसीटकर वाहन में बैठाया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत लगभग 40 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर चोलापुर, बड़ागांव और रामनगर थाने भेज दिया गया।
इस दौरान मयंक चौबे, चंचल शर्मा, अनुभव राय, रोहित दुबे, रोशनी कुशल जायसवाल, अभिजीत तिवारी सत्यम समेत पूर्वी जोन के जिलों आजमगढ़, मऊ, बलिया, वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र, देवरिया, भदोही, अंबेडकर नगर, प्रयागराज से कार्यकर्ता व पदाधिकारी शामिल थे।
कानून व्यवस्था को परखने पहुंचे सीपी
बिना अनुमति प्रदर्शन और शहर की कानून शांति व्यवस्था परखने पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल रविवार को हाथों में एके-47 लेकर सड़क पर निरीक्षण के लिए उतरे। युवा कांग्रेस के प्रदर्शन के बीच गुरुधाम चौराहे के पास पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों के साथ कानून व्यवस्था संभाली। बिना अनुमति प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर पहुंचे पुलिस आयुक्त ने मौके पर तैनात पुलिस फोर्स को ब्रीफ किया और सतर्कता के साथ ड्यूटी के निर्देश दिए।
कांग्रेस की आवाज रोकने में जुट गई पुलिस
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने पुलिस के व्यवहार की निंदा की। उन्होंने कहा कि आज वाराणसी में युवा कांग्रेस का शांतिपूर्ण कार्यक्रम था, लेकिन कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया। पूरा वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट कांग्रेस की आवाज रोकने में जुट गया है।