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दुर्गाकुंड चौकी से सिर्फ 400 मीटर की दूरी पर गेस्ट हाउस में देह व्यापार, मैनेजर समेत 5 अरेस्ट; 30 हजार मिले

Sat, 31 Jan 2026 05:47 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: जांच में यह भी सामने आया है कि विजय लक्ष्मी गेस्ट हाउस का कोई नियमित रजिस्टर नहीं रखा जाता था। न ही ठहरने वाले लोगों का सत्यापन कराया जाता था। इससे साफ है कि संचालक की जानकारी में ही यह अवैध गतिविधियां चल रही थीं। 
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लड़कियों से पूछताछ करती पुलिस। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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Varanasi Crime: भेलूपुर क्षेत्र के त्रिदेव मंदिर के सामने गली में बने तीन मंजिला गेस्ट हाउस में देह व्यापार के धंधे का एसओजी-2 ने भंडाफोड़ किया। मौके से तीन युवतियां, गेस्ट हाउस संचालक और एक ग्राहक को पकड़ा गया। 

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जांच में कमरे से आपत्तिजनक सामग्री समेत 30 हजार की नकदी और 6 मोबाइल पुलिस ने बरामद की। आरोपी गेस्ट हाउस मैनेजर अभिषेक गौंड निवासी जवाहरपुर मऊ और ग्राहक कुंदन पाल निवासी नियामतपुर चुनार मिर्जापुर समेत पांच लोगों के खिलाफ भेलूपुर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की। 

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पुलिस ने की कार्रवाई

तीन मंजिला गेस्ट हाउस में अनैतिक देहव्यापार की जानकारी मिलने पर शनिवार की शाम एसओजी-2 ने छापेमारी कर तीन युवतियों सहित एक कस्टमर और होटल मैनेजर को गिरफ्तार किया है। हाल ही में पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर पर अज्ञात कॉलर द्वारा अनैतिक देह व्यापार की सूचना दी गई थीं। जिसके बाद सादी वर्दी में एसओजी-2 की टीम मौके पर पहुंची और छापेमारी की कार्रवाई की गई।

एसीपी अपूर्व पांडेय ने बताया कि पुलिस कमिश्नर को हेल्पलाइन नंबर पर सूचना मिली थी कि गेस्ट हाउस में अनैतिक देहव्यापार हो रहा है। जहां टीम द्वारा छापेमारी कर मौके से छह मोबाइल, आपत्तिजनक चीज सहित 30 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही मौके से पश्चिम बंगाल निवासी तीन युवतियों और एक कस्टमर सहित होटल मैनेजर को गिरफ्तार किया गया है।
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हिरासत में ली गई तीनों युवतियों और ग्राहक से पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि ग्राहकों को मोबाइल फोन के जरिए संपर्क कर बुलाया जाता था। व्हाट्सएप कॉल और मैसेजिंग के माध्यम से सौदे तय किए जाते थे, ताकि किसी तरह का रिकॉर्ड न रह सके। इसके बाद ग्राहकों को सीधे गेस्ट हाउस भेजा जाता था।

जांच में यह भी सामने आया है कि विजय लक्ष्मी गेस्ट हाउस का कोई नियमित रजिस्टर नहीं रखा जाता था। न ही ठहरने वाले लोगों का सत्यापन कराया जाता था। इससे साफ है कि संचालक की जानकारी में ही यह अवैध गतिविधियां चल रही थीं। 

दुर्गाकुंड चौकी से महज 400 मीटर की दूरी पर इस तरह का रैकेट चलने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गेस्ट हाउस में अक्सर संदिग्ध लोगों की आवाजाही देखी जाती थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। 

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