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मार्कशीट के इंतजार के साथ भविष्य की तैयारियों में जुटे होनहार

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कोरोना काल में परीक्षा परिणाम को लेकर विद्यार्थियों की उहापोह शनिवार को उत्साह में तब्दील हो गई। आईसीएसई बोर्ड से संचालित स्कूलों के विद्यार्थी परिणाम जारी होने के बाद बहुत खुश हैं और अब उन्हें मार्कशीट का इंतजार है। जहां दसवीं के छात्र रिजल्ट आने के बाद कक्षा ग्यारहवीं में दाखिला लेने वाले अपने विषय के बारे में शिक्षकों से पूछताछ करने में जुटे हैं, वहीं इंटर पास होने वाले विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लगे हैं।
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कोरोना की वजह से हर साल की तरह स्कूलों में तो छात्रों का जश्न तो नहीं मनाया गया, लेकिन घरों में रविवार को भी जश्न का माहौल रहा। पास होने वाले विद्यार्थियों को फोन पर बधाईयां मिलती रहीं। कोरोना की दूसरी लहर के कारण ही बोर्ड ने इस बार 10वीं और 12वीं की परीक्षा निरस्त कर दी थी। 10वीं का परिणाम प्री बोर्ड के अंक और पिछले पांच सालों के स्कूल के परिणाम के आधार पर ही तैयार कर जारी किया गया है। हालांकि मूल्यांकन के इस मानक से कई छात्र प्री बोर्ड व पिछले सालों के स्कूल के आधार पर जारी परिणाम को लेकर निराश हैं, जबकि कुछ छात्र कोरोना काल में इसे सही ठहरा रहे हैं।
इनको मिली सफलता
आईसीएसई(दसवीं)
सिल्वर ग्रोव स्कूल
कौशकी सेठ 98.40 प्रतिशत
काशवी राय 98.20 प्रतिशत
पायल यादव 97.80 प्रतिशत
ज्ञान गंगा पब्लिक स्कूल
अंशिका वर्मा 97 प्रतिशत
जान्हवी विश्वकर्मा 96.67 प्रतिशत
आस्था सिंह 96.17
आईएससी(12वीं)
सिल्वर ग्रोव स्कूल
स्नेहा यादव 95.8 प्रतिशत
आसिफा 95.4 प्रतिशत
नेहा पटेल 93 प्रतिशत
अविशा श्रीवास्तव 84.6 प्रतिशत
सेंट जांस स्कूल मड़ौली
अतुल्य श्रीवास्तव 94 प्रतिशत
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आईएएस बनना है अतुल्य का सपना
आईएससी यानी बारहवीं की परीक्षा 94 प्रतिशत अंक के साथ पास करने वाले अतुल्य श्रीवास्तव का सपना आईएएस बनने का है। मंडुवाडीह निवासी दीपेंद्र श्रीवास्तव के सुपुत्र अतुल्य ने दसवीं में भी 96 प्रतिशत अंक के साथ परीक्षा पास की थी। बताया कि आगे चलकर आईआईटी करने के बाद आईएएस बनने की इच्छा है। इसकी तैयारी शुरू कर दी है।
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