प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार गठन के बाद अब वाराणसी की परियोजनाएं भी रफ्तार पकड़ने लगी हैं। तय समय से पिछड़ी कई परियोजनाओं को अप्रैल और मई तक पूरा करने का लक्ष्य तय कर दिया गया है। उधर, प्रस्तावित परियोजनाओं को भी फाइलों से निकालकर धरातल पर उतारने की तैयारी में विभाग जुट गए हैं। ऐसे में मानसून से पहले जन सुविधाओं में बढ़ोतरी की भी उम्मीद बढ़ी है।
जनवरी महीने में लागू हुए आदर्श आचार संहिता के बाद अधिकारियों व कर्मचारियों की व्यस्तता के बाद वाराणसी की कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं लटक गई थीं। इसमें फुलवरिया फोरलेन, कज्जाकपुरा रेलवे ओवरब्रिज, दशाश्वमेध प्लाजा, रिंग रोड का अंतिम पड़ाव सहित अन्य प्रोजेक्ट से मजदूर तक नहीं दिखाई दे रहे थे। हालांकि चुनाव समाप्त होने के बाद काम शुरू हुआ तो अब सरकार गठन के बाद से उनमें तेजी भी आई है। यही कारण है कि फुलवरिया फोरलेन का लहरतारा चौराहे के बाद रैंप अंतिम दौर में है। इसके बाद बौलिया से कैंट मार्ग को बंद कर यहां कार्य करने की तैयारी है। उधर, कज्जाकपुरा आरओबी का पिलर तैयार कर लिया गया है और इस काम को मई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। घाट तक आने वाले पर्यटकों की सहूलियत के लिए बन रहे दशाश्वमेध प्लाजा का काम भी 90 फीसदी तक पूरा कर लिया गया। दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अप्रैल महीने में वाराणसी के दौरे पर आएंगे और इस दौरान परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण भी करेंगे। सीएम कार्यालय से मिली सूचना के बाद विभागों ने अपनी परियोजनाओं पर निर्माण की रफ्तार तेज कर दी है।
रोपवे और कमिश्नरी बिल्डिंग पर निर्णय 31 तक
विकास प्राधिकरण की महत्वाकांक्षी परियोजना रोपवे और कमिश्नरी बिल्डिंग पर 31 मार्च तक निर्णय संभव है। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप पर बनने वाली इन परियोजनाओं में कंपनियों की रुचि कम होने के चलते इसके टेंडर की तारीख जनवरी से बढ़ाकर 31 मार्च की गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि 31 को टेंडर पर निर्णय के साथ दोनों ही परियोजनाओं पर अहम निर्णय ले लिया जाएगा।
जून में पीएम के हाथों परियोजनाओं का लोकार्पण
वाराणसी की पूरी होने वाली परियोजनाओं का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जून में लोकार्पण कर सकते हैं। दरअसल, प्रधानमंत्री कार्यालय ने जून में पीएम के वाराणसी दौरे और एक भव्य कार्यक्रम की सूचना दी है। ऐसे में प्रशासन जून में परियोजनाओं के लोकार्पण की तैयारी में है। यही कारण है कि निर्माणाधीन परियोजनाओं को मई तक पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है।
निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा शुरू करा दी गई और इसमें अधिकारियों की जिम्मेदारी तय है। हर सप्ताह विभागों से प्रगति रिपोर्ट भी ली जा रही है और उसका भौतिक सत्यापन भी कराया जाएगा। - कौशल राज शर्मा, जिलाधिकारी