इस मामले में पूर्व सांसद धनंजय सिंह की जमानत अपील पहले ही खारिज हो चुकी है। इसके बाद प्रोजेक्ट मैनेजर ने यह शपथ पत्र एडीजे कोर्ट में दाखिल न कर सीजेएम कोर्ट में प्रस्तुत किया था। लेकिन अपनी अदालत में केस न होने के कारण सीजेएम ने उसे वापस कर दिया था। इसी आधार पर पूर्व सांसद की जमानत अर्जी भी खारिज हो गई थी।
अब मुकदमे में सह आरोपी विक्रम सिंह की ओर से दाखिल जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान प्रोजेक्ट मैनेजर ने एडीजे प्रथम की कोर्ट में शपथ पत्र प्रस्तुत किया है। धनंजय सिंह व उनके साथ विक्रम पर 10 मई की रात लाइन बाजार थाने में केस दर्ज किया गया था। उसी रात दोनों की गिरफ्तारी भी हो गई थी। केस दर्ज कराने वाले अभिनव सिंघल ने दो दिन बाद ही पुलिस के अधिकारियों और फिर 14 मई को सीजेएम कोर्ट में शपथ पत्र देकर अपने अपहरण और धमकी देने के आरोपों को वापस लेने की बात कही थी।