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बीड़ी-सिगरेट और गांजा ना मिलने पर कैदियों ने की थी भूख हड़ताल, एक बंदी की गई जान

Tue, 16 Jul 2019 03:04 PM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर
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भीख हड़ताल करते कैदी - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश की जौनपुर जिला जेल एक कैदी की मंगलवार सुबह मौत हो गई। बंदी की मौत होने से जेल और जिला प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। जहां एक तरफ लोगों में चर्चा है कि कैदी की मौत सोमवार को हुई भूख हड़ताल के कारण हुई है, वहीं दूसरी तरफ जिला जेल के जेलर का कहना है कि कैदी की जान बीमारी के चलते गई है। 

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हाल ही में सात जुलाई को डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी और एसपी विपिन कुमार मिश्र ने जेल में छापा मारकर 9 मोबाइल, बीड़ी, सुर्ती, सिगरेट, गांजा और पुड़िया में मादक पदार्थ बरामद किया था। इसके बाद जेल प्रशासन ने सख्ती बरतना शुरू कर दिया।

सुर्ती, बीड़ी, सिगरेट, माचिस, पेय पदार्थ, मिठाई पर रोक लगा दी। मुलाकात करने वालों की तलाशी भी बढ़ा दी। इसको लेकर बंदियों ने पहले तो हो हल्ला किया। बात नहीं बनी तो सोमवार से भूख हड़ताल शुरू कर दी। बंदियों ने आरोप लगाया कि जेल में उन्हें अनुमन्य सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। कैंटीन से जो सामान मिलते थे, वह भी बंद कर दिया गया है। दाल में ठंडा पानी मिलाकर दिया जा रहा है।

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जेलर संजय सिंह ने बंदियों को मनाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माने। सुबह का खाना जेल प्रशासन को फेंकना पड़ा। बंदी बिना खाए कोर्ट चले गए। जो बचे उन्होंने दिनभर नारेबाजी की और अपनी-अपनी बैरकों में धरने पर बैठ गए।

शाम को डीआईजी ने उन्हें बीड़ी, सुर्ती, गुटखा पर प्रतिबंध हटाने का आश्वासन देकर खाने के लिए राजी किया। रात 9 बजे बंदियों ने खाना खाया। इसी बीच मंगलवार सुबह जौनपुर जिले के खुटहन गांव निवासी कैदी जयराम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

उसकी मौत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कैदी की मौत की सूचना से है। जेलर संजय सिंह ने बताया कि जयराम की मौत बीमारी के कारण हुई है। उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई।
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