जेलर संजय सिंह ने बंदियों को मनाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माने। सुबह का खाना जेल प्रशासन को फेंकना पड़ा। बंदी बिना खाए कोर्ट चले गए। जो बचे उन्होंने दिनभर नारेबाजी की और अपनी-अपनी बैरकों में धरने पर बैठ गए।
शाम को डीआईजी ने उन्हें बीड़ी, सुर्ती, गुटखा पर प्रतिबंध हटाने का आश्वासन देकर खाने के लिए राजी किया। रात 9 बजे बंदियों ने खाना खाया। इसी बीच मंगलवार सुबह जौनपुर जिले के खुटहन गांव निवासी कैदी जयराम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
उसकी मौत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कैदी की मौत की सूचना से है। जेलर संजय सिंह ने बताया कि जयराम की मौत बीमारी के कारण हुई है। उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई।