तिहरे हत्याकांड में मोहन पासी को हुई थी आजीवन कारावास की सजा
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तिहरे हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहा शातिर अपराधी सोमवार शाम को आजमगढ़ कोर्ट से एक मामले में पेशी से लौटते समय सिपाही का हाथ छुड़ा कर फरार हो गया। जानकारी होते ही पुलिस की कई टीमों ने कांबिग अभियान चलाया, पर कोई सफलता नहीं मिली।
पुलिस लाइन के आरआई ने सिपाही के खिलाफ शहर कोतवाली में तहरीर दी है। देर रात रिपोर्ट दर्ज करने की कार्रवाई चल रही थी। फरार मोहन पासी श्याम बाबू पासी गिरोह से जुड़ा था। जहानांगज के गांव डीहा में तत्कालीन प्रधान पप्पू सिंह और उनके दो गनर की हत्या के मामले में मोहन पासी निवासी शम्सुद्दीनपुर थाना जहानागंज को आजीवन कारावास की सजा हुई थी।
वह जिला जेल में निरुद्ध था। सोमवार को लूट के मामले में पेशी के लिए उसे कोर्ट लाया गया था। पेशी से वापसी के समय वह सिपाही रामाश्रय का हाथ छुड़ाकर भाग निकला।
इस दौरान मोहन पासी का भाई भी मौके पर मौजूद बताया गया। जानकारी मिलते ही एसपी अजय साहनी ने सीओ सिटी अकमल खां के नेतृत्व में दो स्वाट टीम, शहर कोतवाली और सर्विलांस की टीम को मोहन की तलाश में लगा दिया।
देर रात तक कांबिंग चलती रही, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। वहीं, सिपाही रामाश्रय के खिलाफ पुलिस लाइन के आरआई ब्रह्मदेव उपाध्याय की ओर से शहर कोतवाली में तहरीर दी गई थी। रिपोर्ट दर्ज करने की कार्रवाई चल रही थी।