राजस्व वृद्धि के लिए नगर निगम सीमा का विस्तार जरूरी है। यह बात राजस्व परिषद के प्रमुख सचिव और जिले के नोडल अधिकारी डॉ. रजनीश दूबे ने गुरुवार को मंडलीय अनुश्रवण कक्ष में समीक्षा बैठक के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि भू माफिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनके कब्जे से सरकारी जमीन खाली कराई जाए। सिंचाई, पीडब्लूडी, वन, स्वास्थ्य और नगर निगम की विभागीय जमीन पर अवैध रूप से काबिज लोगों को हटाया जाए।
डॉ. दूबे ने कहा कि अधिकारियों के कार्यों का मूल्यांकन आमजन की संतुष्टि के आधार पर किया जाएगा। अधिकारी कार्यालय में न बैठकर अपने क्षेत्र में निकलें। राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान आबकारी एवं स्टांप रजिस्ट्रेशन की वसूली संतोषजनक न होने पर उन्होंने नाराजगी जताई।
राजस्व वादों की समीक्षा के दौरान पुराने वादों के निस्तारण के लिए अतिरिक्त तिथियां निर्धारित कर सुनवाई करने को कहा। निर्माणाधीन ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं की गुणवत्ता की जांच करने का निर्देश सीडीओ को दिया।
कहा कि हृदय और आईपीडीएस के काम की विशेष निगरानी हो। बैठक में डीएम योगेश्वर राम मिश्रा, एसएसपी आरके भारद्वाज सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
25 में से 19 थानों के भवन जर्जर
प्रमुख सचिव ने गुरुवार की शाम सिगरा थाने का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जीडी, एफआईआर, चार्जशीट आदि की जानकारी ली। एसएसपी ने प्रमुख सचिव को बताया कि जिले के 25 थानों में से 19 के भवन जर्जर हैं।
प्रमुख सचिव ने थाने में खड़ी सीज बाइक को व्यवस्थित ढंग से रखवाने के साथ ही जल्द नीलामी कराने का निर्देश दिया। एसएसपी को कहा कि किसी भी थाने पर थानेदार लंबे समय तक तैनात न रहें। यातायात संबंधी जागरूकता के लिए प्रोजेक्टर और चलचित्र माध्यमों को पुलिस अपनाए।