सोमवार को सड़क धंसने के बाद जलकल विभाग मंगलवार रात दो बजे तक यानी 36 घंटे बाद भी काम पूरा नहीं करा पाया था। मरम्मत के दौरान पाइप लाइन में तीन जगह लीकेज मिला। इनमें से दो लीकेज को मंगलवार शाम तक ठीक कर लिया गया था, लेकिन तीसरा लीकेज नहीं बन पाया। जलकल के सचिव ओपी सिंह ने कहा कि तीसरा लीकेज बड़ा होने के कारण उसकी मरम्मत में समय लग रहा है। उन्होंने बुधवार सुबह तक काम पूरा होने का दावा किया।
सुबह-शाम ढाई-ढाई घंटे रोका गया मरम्मत कार्य
सिगरा चौराहे पर धंसी सड़क का मरम्मत कार्य सुबह-शाम पांच घंटे तक पेयजल आपूर्ति के कारण रोक दिया गया। जलकल सचिव के मुताबिक सुबह छह से साढ़े आठ बजे और शाम को भी इसी समय शहरवासियों को पेयजल सप्लाई के काम रोकना पड़ा। इसके बाद अनवरत काम चला। इस दौरान पानी का प्रेशर कम करके आपूर्ति की गई। लीकेज ढूंढने के लिए खोदाई से धंसी सड़क के गड्ढे का दायरा और बढ़ गया था।
बीएचयू के सिविल इंजीनियर बृंद कुमार का कहना है कि सड़क धंसने की कई वजहें हो सकती हैं। लेकिन, पाइप लाइन लीकेज के कारण सड़क धंसती है और उसमें नुकसान होता है तो उसके पीछे एक वजह यह भी है कि शहर के ज्यादातर सीवर और पेयजल पाइप लाइन सड़कों के बीचोबीच हैं। इससे उन पर यातायात का बोझ पड़ता है। इससे क्रैक होने या दो पाइपों के जोड़ से पाइपलाइन में लीकेज होता है। अगर पाइप लाइन सड़क के किनारे डाली जाए तो उन पर कम दबाव पड़ेगा। बनारस शहर में अंग्रेजों के जमाने की सीवर लाइन है। इसलिए ध्यान दिया जाना चाहिए कि गुणवत्तापूर्ण कार्य हों और उनकी समय-समय पर समुचित मॉनीटरिंग होती रहे।
2017 में रथयात्रा में धमाके के साथ फटी भी पाइप लाइन
शहर में पाइप लाइन फटने के मामले पहले भी हुए हैं। 10 जून 2017 को ओवरहेड टैंक में सप्लाई के लिए टेस्टिंग के दौरान रथयात्रा में पाइप लाइन तेज आवाज के साथ फट गई थी। इससे तकरीबन दो सौ मीटर सड़क धंस गई थी।
पीडब्ल्यूडी ने जलकल को लिखा पत्र
सिगरा में सड़क धंसने के मामले में प्रमुख सचिव की नाराजगी जताने के बाद पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता ने जलकल विभाग को पत्र लिखकर सड़क को शीघ्र दुरुस्त कराने को कहा है। पत्र में काम की धीमी गति तेज करने के लिए भी कहा गया है।