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महीनों इंतजार और मायूसी के बाद वाराणसी के इस गांव में छप्पर फाड़ के बरसीं खुशियां

Mon, 03 Jul 2017 12:52 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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वाराणसी की ग्राम सभा ककरहिया में 5 बच्चों को स्कूली ड्रेस एवं जूते-मोजे का वितरण किया - फोटो : twitter
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जयापुर और नागेपुर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘सांसद आदर्श ग्राम योजना’ के तहत अपने संसदीय क्षेत्र के काशी विद्यापीठ ब्लॉक के ककरहिया गांव को चुना है। रविवार की शाम ककरहिया पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसकी घोषणा की।
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सांसद के आदर्श ग्राम योजना के लिए जब भी नए गांव के चुने जाने की बात आई, ककरहिया चर्चा में आया लेकिन पहले जयापुर और फिर नागेपुर की घोषणा के बाद उसके इंतजार की घड़ियां लंबी होती गईं। इस बार भी एकबारगी ऐसा लगा कि शायद फिर ककरहिया के हिस्से इंतजार ही रह जाए।

एक बजे ही प्राथमिक पाठशाला परिसर में ग्रामीण पहुंच गए थे। मुख्यमंत्री का इंतजार करते जब शाम के पांच बज गए और उनके आगमन की स्थिति स्पष्ट नहीं हुई तब गांव में हर तरफ मायूसी फैल गई। ग्रामीण लौटने लगे।
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वहां तैनात पुलिस कर्मी भी वापसी की तैयारी में जुट गए लेकिन तभी डीएम का फोन आया। उन्होंने मुख्यमंत्री के कुछ ही देर में ककरहिया पहुंचने की जैसे ही सूचना दी, पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ पड़ी।

कुछ ही देर में ग्रामीणों की भीड़ फिर प्राथमिक विद्यालय परिसर में ठसाठस भर गई। मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए घरों की छतों, बारजों के अलावा रास्तों के दोनों तरफ लोग खड़े थे। हर-हर महादेव के जयघोष के साथ स्वागत हुआ।

फिर सीएम ने जब ककरहिया के सांसद आदर्श ग्राम योजना में चुने जाने की घोषणा की तो लोग खुशी से झूम उठे। दरअसल, प्रोटोकॉल के अनुसार मुख्यमंत्री को यहां दोपहर 3:35 बजे पहुंचना था लेकिन वह शाम 5:37 बजे पहुंचे और 5:56 बजे निकल गए लेकिन यह 19 मिनट ककरहिया के बाशिंदों को वह खुशी दे गया जिसका उन्हें तीन वर्षों से इंतजार था।

ककरहिया के ग्राम प्रधान रंजीत पटेल, मनोज सिंह, वीरेंद्र पटेल, भागवत सिंह, कल्लू मिश्रा, छोटेलाल पटेल आदि का कहना था कि अब गांव के युवाओं को रोजगार मिलने की राह आसानी होगी और बुनियादी सुविधाएं दुरुस्त होंगी।

देश नहीं दुनिया को नेतृत्व दे रही काशी

योगी आदित्यनाथ - फोटो : ANI
सीएम योगी ने कहा कि वाराणसी देश को ही नहीं बल्कि दुनिया को नेतृत्व दे रहा है। पूरी दुनिया हमारी तरफ आशा भरी निगाह से देख रही है। कहा कि जयापुर, नागेपुर और उसके बाद ककरहिया का चयन आदर्श ग्राम के तौर पर करने के लिए प्रधानमंत्री के प्रति हम सभी आभारी हैं।

गाड़ी रुकवाकर अखाड़े को किया प्रणाम
ककरहिया स्थित प्राथमिक विद्यालय से वापसी के दौरान सीएम योगी ने रास्ते में पड़ने वाले भोथू सिंह अखाड़ा के सामने अपने वाहन की रफ्तार धीमी कराई। इसके बाद वाहन में बैठे-बैठे ही अखाड़े की तरफ हाथ जोड़ कर प्रणाम किया। यह देख मौजूद ग्रामीणों ने हर-हर महादेव का जयघोष किया तो सीएम ने दोनोें हाथ जोड़कर उनका अभिवादन किया।

स्वागत में बनाई गई थी रंगोली
ककरहिया आए मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए ग्रामीणों ने अखाड़ोें और अपने घरों के सामने रंगोली बनाई थी। वहीं, बारिश के बावजूद सड़क पर कहीं पानी नहीं लगने दिया था और दोनों तरफ चूने का छिड़काव किया गया था। महिलाएं मंगल गीत गाते हुए टोलियां बनाकर प्राथमिक विद्यालय की ओर जा रही थीं। 
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पीएम के आदर्श गांवों के लोग देखते रहे सीएम की राह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदर्श गांव नागेपुर और जयापुर के लोग खेती-किसानी और गृहस्थी के काम छोड़ कर मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की राह देखते रहे। आखिरकार शाम ढलने के बाद भी मुख्यमंत्री के न पहुंचने से ग्रामीणों में मायूसी छा गई।

वाराणसी दौरे पर आए मुख्यमंत्री के जयापुर और नागेपुर गांव जाने की भी चर्चाएं थीं। जयापुर में तो कई दिनों से तैयारियां भी चल रही थीं। ग्रामीणों को पूरी उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री उनके गांव आएंगे और कुछ न कुछ सौगात देंगे।

यही वजह थी कि दिन में बारिश होने के बावजूद नागेपुर के तमाम लोग मुख्यमंत्री की अगवानी करने के लिए हाईवे पर आकर इंतजार करते रहे। वहीं, गांव में चौराहों, पंचायत भवन और प्राथमिक स्कूल में लोग जुटे रहे। यही हाल जयापुर में देखने को मिला। पंचायत भवन में ग्राम प्रधान और पूर्व प्रधान के साथ दिन भर लोग मुख्यमंत्री के आने के इंतजार में बैठे रहे।


योगी की सभा में नागेपुर के प्रधान को नहीं मिली इंट्री  
मिर्जामुराद। जगतपुर में आयोजित मुख्यमंत्री योगी की सभा में सांसद आदर्श ग्राम नागेपुर के प्रधान पारसनाथ राजभर भी पहुंचे थे लेकिन उन्हें प्रवेश नहीं मिला। सभा स्थल के गेट पर तैनात लोगों ने उन्हें नहीं घुसने दिया। इससे मायूस होकर गांव लौट गए। ग्राम प्रधान मुख्यमंत्री का भाषण सुनने के साथ ही गांव केविकास संबंधी 14 सूत्री मांग पत्र देने के लिए गए थे।
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