आम जन की भावनाओं को साझा करना कोई पीएम मोदी से सीखे। आम लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने पर तो उनका जोर था ही, आटो, टैक्सी चालकों से संवाद जोड़कर वह हर जेहनो दिल के हीरो बन गए।
पीएम ने बड़ालालपुर में गरीबी की समस्या दूर करने की राह दिखाते हुए भावनात्मक संवाद किया। उन्होंने गरीबों को आगे बढ़ने की तरकीब बताई। ऑटो रिक्शा ड्राइवरों, टैक्सी चालकों से आग्रह किया कि काशी में अगर कोई भी टूरिस्ट आता है तो उसे पं. दीनदयाल हस्त कला संकुल जरूर ले आइए।
आग्रह करके ले आइए। एक ही जगह पर काशी क्षेत्र के सामर्थ्य का उसको परिचय करवाइए। जो भी टूरिस्ट आएगा, कुछ न कुछ तो खरीद कर जाएगा ही। पीएम की इस अपील पर बड़ालालपुर स्टेडियम का पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
उत्साहजनक शोर मचने लगा। पीएम ने फिर संकुल की विशेषता की तरफ ध्यान दिलाया। कहा कि विदेशी टूरिस्ट आएगा तो शायद यहां से हटने का नाम नहीं लेगा। यह जो म्यूजियम बना है वो काशी के टूरिज्म को भी बढ़ावा देगा। जो काशी में यात्रा करने आते हैं, इन चीजों को देखेंगे।
काशी के सामर्थ्य को देखेंगे तो मुझे विश्वास है कि काशी के पर्यटन को गति मिलेगी। काशी के इस कला-कौशल को भी ताकत मिलेगी और यह संकुल एक नए आर्थिक गतिविधि का बड़ा केंद्र बनेगा।
पीएम ने विकास के मसले पर पूर्ववर्ती सरकारों की चुटकी भी ली। कहा कि हर समस्या का समाधान आखिर विकास में ही है। पहले ऐसी सरकारें आकर गईं जिनमें विकास के प्रति नफरत जैसा माहौल था।
उनके लिए सरकारी तिजोरी चुनाव जीतने के कार्यक्रमों में तबाह हो जाती थी। हमारी कोशिश है कि विकास के वो वादे साकार हों, ताकि गरीब से गरीब की जिंदगी में बदलाव लाने का अवसर तैयार हो।