राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सोमवार को पहली बार काशी आ रहे हैं। 6:25 घंटे के दौरे में राष्ट्रपति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में बड़ा लालपुर स्थित दीनदयाल उपाध्याय हस्तकला संकुल में राज्यपाल राम नाईक की पुस्तक ‘चरैवेति! चरैवेति!!’ के संस्कृत संस्करण का विमोचन करने के अलावा एनएचएआई की पांच परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे। राज्यपाल रविवार को यहां आ चुके हैं, जबकि मुख्यमंत्री सोमवार सुबह राष्ट्रपति के आने से पूर्व बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंच जाएंगे। इनके अलावा केंद्र और राज्य के मंत्री भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।
राष्ट्रपति सुबह 11:05 बजे बाबतपुर एयरपोर्ट आएंगे। यहां से 11:35 बजे वह हेलीकाप्टर के जरिए बड़ा लालपुर स्थित दीनदयाल हस्तकला संकुल पहुंचेंगे। यहां हस्तकला और विभिन्न योजनाओं से जुड़ी प्रदर्शनी देखेंगे। इसके बाद कौशल विकास मिशन के 10 युवाओं को प्रमाणपत्र देंगे।
एनएचएआइ की पांच परियोजनाओं का शिलान्यास करने के बाद राष्ट्रपति 1:30 बजे सर्किट हाउस आएंगे। यहां लंच और विश्राम के बाद शाम 4:00 बजे दोबारा हस्तकला संकुल पहुंचेंगे। इस दौरान राज्यपाल की पुस्तक का विमोचन किया जाएगा। यहां जनप्रतिनिधियों को संबोधित करने के बाद शाम 5:30 बजे बाबतपुर एयरपोर्ट से दिल्ली लौट जाएंगे।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के सोमवार को दीनदयाल हस्तकला संकुल में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में केंद्र और प्रदेश के मंत्री भी शामिल होंगे। जिला प्रशासन के अधिकारियों की मानें तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, मनसुख मंदाविया, अनुप्रिया पटेल, प्रदेश के मंत्रियों में चेतन चौहान, अनिल राजभर, डॉ. नीलकंठ तिवारी के अलावा समन्वय सेवा ट्रस्ट हरिद्वार के अध्यक्ष आचार्य स्वामी अवधेशानंद गिरी आदि शामिल होंगे।
राष्ट्रपति के आगमन के मद्देनजर रविवार को राज्यपाल राम नाईक शहर पहुंच गए। डीरेका स्थित गेस्ट हाउस में विश्राम के बाद राज्यपाल बड़ा लालपुर स्थित दीनदयाल हस्तकला संकुल पहुंचे। यहां राज्यपाल ने तैयार किए जा रहे मंच को देखा।
अधिकारियों से कार्यक्रम में आने वाले लोगों की संख्या से लेकर प्रवेश और निकासी की व्यवस्था की जानकारी ली। मंच की साज-सज्जा, सीढ़ी, बिजली कनेक्शन और पीने के पानी सहित अन्य जरूरी सुविधाओं पर गंभीरता से ध्यान देने के लिए कहा। लगभग 20 मिनट जायजा लेने के बाद राज्यपाल डीएलडब्ल्यू लौट गए। शाम के समय राज्यपाल अस्सी घाट से नाव से दशाश्वमेध घाट गए और उन्होंने गंगा आरती देखी।