पांच सितंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बीएचयू के प्रो. आशुतोष मोहन को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार देंगी। प्रो. मोहन रटने के बजाय कॉन्सेप्ट आधारित पढ़ाई के हिमायती हैं। ऐसे में 25 वर्षों से ज्यादा के योगदान के चलते उन्हें ये सम्मान दिया जा रहा है।
बीएचयू के प्रो. आशुतोष मोहन को शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति के हाथों राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार मिलेगा। वह रटने के बजाय कॉन्सेप्ट आधारित पढ़ाई के हिमायती माने जाते हैं। साथ ही शिक्षण, डिजिटल शिक्षा, एनईपी क्रियान्वयन, शोध, विद्यार्थी मार्गदर्शन और अकादमिक नेतृत्व में 25 वर्षों से ज्यादा के योगदान के चलते ये सम्मान दिया जा रहा है। प्रो. आशुतोष मोहन प्रबंध शास्त्र संस्थान के प्रोफेसर हैं। यह राष्ट्रीय सम्मान उन्हें पांच सितंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से दिया जाएगा।
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प्रो. मोहन के चयन का आधार उनकी 25 वर्षों से ज्यादा की शैक्षणिक यात्रा रही। वे भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत स्वयं कोर्स के राष्ट्रीय समन्वयक के रूप में कार्यरत हैं। प्रो. मोहन ने इस प्लेटफॉर्म पर तीन कोर्स विकसित किए हैं। इनमें से दो विशिष्ट इंटरैक्टिव कोर्स जर्मनी के सहयोग से तैयार किए गए हैं।
वह प्रबंध शास्त्र संस्थान में प्लेसमेंट समन्वयक भी हैं। उनके 50 से ज्यादा शोध-पत्र प्रकाशित कर चुके हैं। प्रो. मोहन ने बीएचयू से एमबीए और मैनेजमेंट में डी.लिट, दिल्ली विश्वविद्यालय से पीएचडी करने के बाद जामिया मिलिया इस्लामिया में प्रोफेसर भी रहे।