परीक्षा संचालन के लिए अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रतन वर्मा को नोडल अधिकारी (प्रशासन) तथा अपर पुलिस अधीक्षक (सदर) को नोडल अधिकारी (पुलिस) बनाया गया है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक-एक स्टैटिक मजिस्ट्रेट और प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। प्रश्नपत्र और ओएमआर शीट को कोषागार के डबल लॉक स्ट्रॉन्ग रूम में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा जाएगा और निर्धारित समय पर केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा।
जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने निर्देश दिया कि सभी सेक्टर, जोनल और स्टैटिक मजिस्ट्रेट परीक्षा से पहले अपने-अपने केंद्रों का भौतिक सत्यापन कर लें तथा परीक्षा के दौरान लगातार निगरानी बनाए रखें।
उन्होंने सभी परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू करने, परीक्षा अवधि में फोटोकॉपी की दुकानों, साइबर कैफे और कोचिंग संस्थानों को बंद रखने तथा सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से प्रत्येक केंद्र की लाइव मॉनिटरिंग जिला मुख्यालय स्थित कंट्रोल रूम से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने भीषण गर्मी को देखते हुए सभी केंद्रों पर शुद्ध पेयजल, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था और प्राथमिक चिकित्सा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने कहा कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मी और होमगार्ड की तैनाती रहेगी। अभ्यर्थियों को गहन जांच के बाद ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। स्थानीय अभिसूचना इकाई, सोशल मीडिया सेल और पुलिस की विशेष टीमें पेपर लीक की अफवाहों तथा सॉल्वर गैंग की गतिविधियों पर लगातार नजर रखेंगी।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित
डीएम चंद्रमोहन गर्ग ने बताया कि परीक्षा केंद्र के भीतर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर सहित किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। कक्ष निरीक्षकों के मोबाइल भी केंद्र व्यवस्थापक के पास जमा कराए जाएंगे। यदि कोई व्यक्ति नकल कराने, अनुचित साधनों के प्रयोग या परीक्षा की शुचिता भंग करने का दोषी पाया गया तो उसके विरुद्ध सुसंगत धाराओं में कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।