वाराणसी। लॉकडाउन के कारण गर्भवती महिलाओं को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा करना पड़ रहा है। महिलाएं स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव पूर्व जांच कराने नहीं पहुंच पा रहीं हैं। ऐसे में कई गर्भवती महिलाएं अपने डॉक्टर से ऑनलाइन व फोन के जरिए परामर्श लेकर अपना ख्याल रख रही हैं। बीएचयू चिकित्सा विज्ञान संस्थान की प्रसूति व स्त्री रोग विभाग की सीनियर रेजिडेंट डॉ. संध्या भी कई गर्भवती महिलाओं को ऑनलाइन परामर्श प्रदान कर रही हैं।
डॉ. संध्या ने बताया कि कोरोना काल में महिलाओं को अपनी और अपने बच्चे की सेहत को लेकर चिंता रहती है और गर्भवस्था के दौरान हार्मोंस बदलने से तनाव होता है। इससे बचने के लिए गर्भवती महिलाएं प्राणायाम, अनुलोम विलोम, योग करती रहें। इसके साथ ही महिलाएं विटामिन सी जैसे आंवला, संतरा व नींबू का सेवन अधिक करें।
ये लक्षण दिखे तो तुरंत जाए अस्पताल
गर्भावस्था के दौरान किसी भी प्रकार के रक्त स्त्राव होने पर, धुंधला दिखाई देने के साथ तेज सिर दर्द, प्रसव पीड़ा शुरू होने के 12 घंटे में भी प्रसव न होना, गर्भावस्था के आठ माह से पहले ही प्रसव दर्द शुरू होना, प्री मैच्योर अथवा प्रसव पूर्व झिल्ली का फटना, पेट में लगातार तेज दर्द होना।
फॉलो कर रहीं डॉक्टर की डाइट चार्ट
बीएचयू निवासी काजल सिंह की प्रेग्नेंसी का पांचवा महीना चल रहा है। वह कहती हैं कि लॉकडाउन के शुरुआती दौर में थोड़ी दिक्कतें हुई थीं। जिसके बाद मैंने अपनी डॉक्टर से बात की तो उन्होंने मुझसे पूरे दिन का रूटीन व डाइट चार्ट व्हाट्सएप कर दिया। अब उसी गाइडलाइन को फॉलो कर खुद का ख्याल रख रही हूं। अभी तक कोई परेशानी नहीं हुई है।
यूट्यूब पर वीडियो देखकर कर रहीं व्यायाम
अस्सी निवासी स्वाति सिंह छह माह की प्रेग्नेंट हैं। वह कहती हैं कि लॉकडाउन में पति रोहित डॉक्टर से लगातार संपर्क में थे। डॉक्टर ने कोरोना संक्रमण के कारण विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टर की डाइट चार्ट के अनुसार हेल्दी डाइट के साथ यूट्यूब पर गर्भवती महिलाओं के लिए कई वीडियो देखकर हल्का व्यायाम भी करती हूं। इसमें पति रोहित काफी मदद करते हैं।