शहर में 24 घंटे आपूर्ति का निर्धारित शेड्यूल त्योहारी सीजन में भी धराशाई हो गया है। अंधाधुंध कटौती से पूरा शहर परेशान हैं। लोग बिजली के साथ ही पानी की किल्लत से बेहाल हैं। शनिवार को आठ घंटे से अधिक बिजली कटौती हुई, वह भी कई किस्तों में। दो बार तो लखनऊ कंट्रोल रूम से कटौती हुई। लोकल फाल्ट के चलते भी बिजली बेहिसाब कटी। अलग-अलग हिस्सों में सुबह से शुरू हुआ कटौती का सिलसिला देर रात तक नहीं थमा। इस दौरान गर्मी और उमस से तो लोग बेचैन हुए ही, पेयजल का संकट भी झेलना पड़ा।
शनिवार को नवरात्र के साथ त्योहारी सीजन की शुरुआत हो गई। इस सीजन में शहर में जहां बिजली आपूर्ति और बेहतरी होने की आस थी, वहीं अंधाधुंध कटौती ने लोगों का चैन-सुकून छीन लिया है। लखनऊ कंट्रोल रूम से शुक्रवार की रात 12:15 से 1:45 बजे तक कटौती की गई। इसके बाद बिजली आई तो लोकल फाल्ट का सिलसिला शुरू हो गया। अलग-अलग हिस्सों में दिन भर बिजली आती-जाती रही। इस बीच, शनिवार की शाम चार बजे से छह बजे तक दो घंटे के लिए फिर कंट्रोल से बिजली काट दी गई। विभागीय अभियंताओं के मुताबिक अनपरा, पारीछा में उत्पादन इकाइयां ठप होने से उत्पन्न हुए बिजली संकट के मद्देनजर यह कटौती की गई।
शाम को कंट्रोल से आपूर्ति बहाल हुई तो एकबारगी फिर स्थानीय गड़बड़ियों के चलते बिजली का आना-जाना शुरू हो गया। शहर के अलग-अलग हिस्सों में छह से आठ घंटे तक बिजली गुल रही। सिगरा क्षेत्र के जय प्रकाश नगर, निराला नगर इलाके में दिन में डेढ़ बजे से शाम छह बजे तक आपूर्ति बाधित रही। इसी तरह चांदपुर, मंडुवाडीह, पांडेयपुर-दौलतपुर, लेढ़ूपुर, भिखारीपुर, बेनियाबाग में घंटों कटौती हुई। दरअसल, पारीक्ष्ाा, बारा में उत्पादन इकाइयों के ठप होने के चलते एक तरफ जहां कंट्रोल से कटौती की जा रही है वहीं दूसरी तरफ जो बिजली मिल रही है वह लोकल फाल्ट के चलते पूरी तरह घ्ारों तक नहीं पहुंच पा रही है।
बिजली बिन शाम को कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई। दिन में भी कटौती का सिलसिला लगे रहने से जलापूर्ति में व्यवधान आया। उमस भरे मौसम से लोगों की मुश्किलें और बढ़ीं। जलकल के सचिव आरपी सक्सेना का कहना है कि शाम को जब बिजली आपूर्ति हुई तब पानी की सप्लाई दी गई। बिजली कटौती के बावजूद जलापूर्ति को सुचारु रखने का प्रयास किया जा रहा है। बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता अनिल वर्मा का कहना है कि बिजली की कुछ उत्पादन इकाइयों के ठप होने से यह दिक्कत आई है। फिर भी अधिकतम आपूर्ति का प्रयास किया जा रहा है। हालात सामान्य होने में अभी पांच से छह दिन लग सकते हैं।