अधिक मरीजों वाले क्षेत्र में युद्ध स्तर पर चलेगा विशेष अभियान
कोरोना नियंत्रण में भले ही काशी को देश भर में रोल मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया, लेकिन उसी धर्म नगरी में डेंगू और वायरल फीवर के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के सामने चुनौतियों का पहाड़ खड़ा कर दिया है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना की तर्ज पर डेंगू के मरीज मिलने वाले इलाकों को हॉट स्पॉट मानकर वहां नियंत्रण के उपाय किए जाएंगे।
वाराणसी में 44 हॉटस्पॉट
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में एक दो नहीं बल्कि मरीजों की बढ़ती संख्या की वजह से 44 हॉट स्पॉट बनाए गए हैं। कोनिया, सुंदरपुर, ककरमत्ता, सिगरा, मंडुवाडीह, भुल्लनपुर, मच्छोदरी, नईसड़क, बीएचयू, नगवां, डीएलडब्ल्यू, भेलूपुर, लोहता, कंचनपुर, खजूरी शामिल हैं।
सात दिन में मिले 25 नए मामले
जुलाई से डेंगू के मामले मिल रहे हैं। पंद्रह जुलाई तक केवल चार मरीज थे, इसके बाद आंकड़ा तेजी से बढ़ा। हालत यह है कि दो महीने में ही 108 नए मरीज मिल चुके हैं। जबकि अगर संदिग्ध मरीजों की बात करें तो यह आंकड़ा 1427 तक पहुंच गया है। सितंबर में अब तक सात दिन में ही 25 नए मरीज मिले हैं।
अस्पतालों में भर्ती है 105 मरीज
जिला मलेरिया अधिकारी एससी पांडेय के अनुसार, इस समय बीएचयू, मंडलीय अस्पताल, शास्त्री अस्पताल, रामनगर आदि अस्पतालों में डेंगू, वायरल फीवर के 105 मरीजों का इलाज चल रहा है। इसमें दीनदयाल अस्पताल में अब तक चार मरीज भर्ती हो चुके हैं। बीएचयू में 20, मंडलीय अस्पताल में 8, शास्त्री अस्पताल में एक मरीज के साथ ही निजी अस्पतालों में भी मरीजों का इलाज चल रहा है।