गंगा में पानी का प्रवाह कम होने से गाजीपुर जिले के करंडा थाना क्षेत्र के धरम्मरपुर घाट के किनारे मंगलवार को कई शव दिखाई पड़े। सूचना पर एसपी सिटी और सदर एसडीएम अनिरुद्ध प्रताप सिंह ने मौके पर पहुंचकर शवों को दफनाने का निर्देश दिया। शवों की संख्या अधिक होने पर पोकलेन एवं जेसीबी का सहारा लिया जा रहा था। एहतियात के तौर पर पुलिस तैनात की गई थी। करीब दो दर्जन से अधिक लेखपाल इस कार्य में जुटे थे।
इधर, बलिया जिले के थाना नरही क्षेत्र अंतर्गत बलिया-बक्सर पुल के नीचे गंगा नदी के तट पर सोमवार की शाम को कुछ दिन पुराने क्षत-विक्षत अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली. इसकी जांच उपजिलाधिकारी तथा क्षेत्राधिकारी सदर द्वारा की गई। जिलाधिकारी अदिति सिंह ने कहा कि सभी शवों का उचित तरीके से गंगा नदी के तट पर ही पुलिस एवं प्रशासन की उपस्थिति में अंतिम संस्कार करा दिया गया। उक्त शवों के आने के स्रोत की जांच की जा रही है।
मामले में बिहार सरकार में जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए. कहा कि बक्सर जिले में चौसा गांव के मिले शव 4-5 दिन पुराने हैं जो क्षत-विक्षत हालत में पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से बहकर बिहार आए हैं. आगे कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इतनी संख्या में शव बरामद होने और नदी में उन्हें प्रवाहित किए जाने से तकलीफ पहुंची है क्योंकि वह गंगा नदी की स्वच्छता और निर्बाध प्रवाह को लेकर हमेशा चिंतित रहे हैं और उन्होंने जिला प्रशासन को नदी किनारे गश्ती बढ़ाने को कहा है, ताकि इसकी पुनरावृत्ति न हो. एक अन्य ट्वीट में कहा- उत्तरप्रदेश और बिहार के सीमावर्ती रानीघाट में गंगा में जाल लगाया गया है. हमने उत्तरप्रदेश प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी है. हमारा प्रशासन भी सतर्कता बरत रहा है.