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Kashi Vidyapith: ‘युवा महोत्सव’ पर गरमाई सियासत, अजय राय, तेजस्वी पर मची रार, छात्रों ने VC का किया घेराव

Thu, 14 Mar 2024 12:07 AM IST
अमन विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

Kashi Vidyapith: बुधवार को एनएसयूआई और समाजवादी युवजन सभा के छात्र नेताओं ने गांधी अध्ययन पीठ की बुकिंग निरस्त होने की सूचना पर कुलपति प्रो. एके त्यागी का घेराव किया। छात्र नेताओं का कहना था कि पहले अनुमति दे दी गई, बाद में इसे निरस्त कर दिया गया।
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छात्रों से बातचीत करते विद्यापीठ के कुलपति। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में होने वाले युवा महोत्सव में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और विधायक ओमप्रकाश सिंह के नाम पर रार छिड़ गई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे राजनीतिक कार्यक्रम बताकर आयोजन की अनुमति निरस्त कर दी तो छात्रों ने डेढ़ घंटे तक कुलपति का घेराव कर दिया। छात्रों ने जमकर नारेबाजी की और कार्यक्रम की अनुमति की मांग पर अड़े रहे।

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बुधवार को एनएसयूआई और समाजवादी युवजन सभा के छात्र नेताओं ने गांधी अध्ययन पीठ की बुकिंग निरस्त होने की सूचना पर कुलपति प्रो. एके त्यागी का घेराव किया। छात्र नेताओं का कहना था कि पहले अनुमति दे दी गई, बाद में इसे निरस्त कर दिया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना था कि छात्रों ने युवा महोत्सव के नाम पर गांधी अध्ययन पीठ की बुकिंग कराई थी।

सोशल मीडिया के जरिये पता चला कि यह राजनीतिक कार्यक्रम है। इसलिए अनुमति नहीं दी गई। हंगामे की सूचना पर काफी संख्या में छात्र और छात्रनेता पहुंच गए। छात्रों ने नारेबाजी कर कुलपति प्रो. एके त्यागी को गांधी अध्ययन पीठ में रोके रखा। अंत में छात्रों ने लिखित आश्वासन दिया कि आयोजन में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय समेत कोई राजनीतिक व्यक्ति शामिल नहीं होंगे। इसके बाद आयोजन की अनुमति मिली। कुलपति के आश्वासन के बाद छात्रों का घेराव समाप्त हुआ।
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एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष ऋषभ पांडेय ने बताया कि कुलपति ने आश्वासन दिया है कि सुबह छह बजे तक आयोजन स्थल की चाबी दे दी जाएगी। अगर चाबी नहीं मिली तो हम लोग ताला तोड़कर कार्यक्रम करेंगे।

चीफ प्रॉक्टर प्रो. अमिता सिंह ने बताया कि छात्रों का व्यवहार शोभनीय नहीं है। संस्थान को राजनीतिक कार्यक्रम का केंद्र नहीं बनने दिया जाएगा। पहले तो युवा महोत्सव के नाम पर बुकिंग कराई गई, लेकिन बाद में पता चला कि यह राजनीतिक कार्यक्रम है। छात्रों को समझा बुझाकर शांत कराया गया है। कुलपति का जो आदेश होगा उसी के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।

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