पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने प्रभारी निरीक्षक महराजगंज अनवर अली खां को एक लाख रुपये की रिश्वत भी दी। रिश्वत मिलने के बाद से ही प्रभारी निरीक्षक उस पर केस बदलने के लिए तरह-तरह का दवाब बनाने लगे। 11 नवंबर को एसडीएम सगड़ी ने युवती को घर भेजने का आदेश दिया। बावजूद इसके प्रभारी निरीक्षक ने घर न भेजकर थाने पर ही रखा।
युवती ने आरोप लगाया कि उसके साथ अश्लील बात करते हुए छेड़खानी और बलात्कार का प्रयास किया। 14 नवंबर की शाम को पुलिस युवती को उसके घर लेकर पहुंची तो परिजनों ने थाने में रखने का कारण पूछा। इस दौरान पुलिस ने घर की महिलाओं सहित अन्य के साथ मारपीट भी की।
युवती ने एसपी से गुहार लगाई, तो उन्होंने महिला थाने में केस दर्ज करने का आदेश दिया। सात दिसंबर को महिला थाने में महराजगंज थाने के पूर्व प्रभारी निरीक्षक अनवर अली खां, गोविंद यादव और अरविंद यादव के विरुद्ध संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया। महिला थाना प्रभारी निरीक्षक ज्ञानू प्रिया ने बताया कि केस दर्ज है। जांच की जा रही है।
मामला संज्ञान में आने पर प्रभारी निरीक्षक महराजगंज अनवर अली को हटा दिया गया, जबकि कंधरापुर थाने में दर्ज फर्जी मुकदमा खत्म करने का निर्देश दिया गया है। दागी पुलिसवालों के खिलाफ जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
त्रिवेणी सिंह, एसपी