वाराणसी। भूमि विवाद में वाराणसी जोन में बढ़ रही घटनाओं को लेकर अपर पुलिस महानिदेशक ने पुलिस अधिकारियों को सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। ऐसे विवादों को रजिस्टर पर अंकित न करने और कार्रवाई न करने पर नाराजगी जाहिर करते हुए इसकी नियमित मानीटरिंग करने को कहा है। साथ ही जिलाधिकारी से समन्वय स्थापित करते हुए संबंधित अधिकारियों से तालमेल बनाए रखने का भी निर्देश दिया है।
हाल ही में सोनभद्र में जमीनी विवाद की वजह से खूनी संघर्ष के बाद पुलिस महकमा अब छोटी-बड़ी जमीनी विवाद की घटनाओं को लेकर सतर्क हो गया है। अपर पुलिस महानिदेशक जोन बृज भूषण ने इस तरह के मामलों के निस्तारण और कार्रवाई न करने पर भी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने शहरी और ग्रामीण इलाकों में चल रहे भूमि विवादों की जानकारी कर उसे रजिस्टर में दर्ज करने को लेकर पूर्व में 27 अक्तूबर 2018 को जारी आदेशों का पालन न होने पर भी चिंता जाहिर की है।
उन्होंने कहा कि हर थाने में उपजिलाधिकारी या क्षेत्राधिकारी की अध्यक्षता में मीटिंग हो, जिसमें तहसीलदार, लेखपाल, राजस्व विभाग के कर्मचारियों सहित बीट आरक्षी आदि शामिल हों। इसके अलावा तिथिवार कार्ययोजना बनाकर पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें मौके पर जाकर उसका निस्तारण कराएं। यह जरूरी है कि जो मामले न्यायालय में चल रहे हैं, इसमें दोनों पक्षों से बातचीत कर उसका भी समाधान कराया जाए। इसके अलावा अगर कहीं भूमि विवाद को लेकर तनाव की आशंका हो तो तत्काल हर संभव कार्रवाई की जाए।
यह भी दिए निर्देश
भूमि विवाद से संबंधित व्यक्ति के पास अगर शस्त्र लाइसेंस है और दुरुपयोग की संभावना है तो प्रस्ताव भेजकर निरस्त कराया जाए
ऐसे व्यक्ति अगर पाबंद होने के बावजूद भी तनाव उत्पन्न कर रहे हों तो धारा 122 के तहत कार्रवाई की जाए
राजस्व और पुलिस अधिकारियों द्वारा भूमि विवाद निस्तारण में की गई कार्रवाई की आख्या दी जाए
जिलाधिकारी और एसएसपी संयुक्त रूप से भूमि विवादों के बारे में की जाने वाली कार्रवाई की समीक्षा महीने में एक बार जरूर करें