जेल में रहने के दौरान इनामी अपराधी आशुतोष यादव से उसकी दोस्ती हो गई थी। आशुतोष व रामानंद के साथ मिलकर बड़े भाई की हत्या की साजिश रची। 28 अगस्त देर शाम को मुकेश बड़े भाई को डिग्घी गांव के पास नहर पर ले गया था।
इसी बीच दोस्तों के साथ शराब पार्टी के दौरान मुकेश ने मौका देख पिस्टल से राकेश के सिर में गोली मार दी और आशुतोष के साथ बाइक पर बैठकर फरार हो गया। 29 अक्तूबर कुरहना गांव से आशुतोष को गिरफ्तारी के बाद इस हत्या में मुकेश की संलिप्तता का पता चला।
शुक्रवार भोर में सदर कोतवाल अशोक मिश्रा, मुकेश तिवारी स्वाट टीम प्रभारी अभय कुमार सिंह ने हमराहियों के साथ आरोपी मुकेश यादव को धूरीकोट मोड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया।