खेत में ही रखे पुआल के पास छककर उसे शराब पिलाई। जब वह नशे में धुत हुआ तो मोफलर से उसका गला कस दिया। दम तोड़ देने पर शव को ठिकाने लगाने के बाबत पुआल में ही रखकर जला दिया।
थानाध्यक्ष एसबी सिंह ने बताया कि सुनील पटेल थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ एक दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वाराणसी-प्रयागराज मार्ग पर निजी बस में सुग्गन पंडित परिचालक का काम करता था। गौर गांव के रहने वाले सुरेंद्र नाथ मिश्र के खेत में अधजला शव बरामद हुआ था। शव की पहचान सुग्गन के परिजनों और ग्राम प्रधान धर्मेंद्र ने की थी।
गौर के रहने वाले प्रकाश मिश्र उर्फ सुग्गन के भाई गुड्डू मिश्र, बेचन मिश्र सहित अन्य परिजनों का आरोप था कि इस घटना में अकेले सिर्फ सुनील पटेल का हाथ नहीं हो सकता। घटना में शामिल अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी की जाए।
आरोप लगाया कि घटना में शामिल अन्य आरोपियों पर पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। उधर, परिजनों के आक्रोश को देखते हुए थानाध्यक्ष ने आश्वस्त किया कि विवेचना में जो भी दोषी पाए जाएंगे, सभी पर कार्रवाई की जाएगी।