हिरासत में लिए गए लड़कों ने पुलिस को बताया कि उन्हें बस इतना पता है कि यह ट्रक कानपुर की ओर जा रहा था। उन्हें मजदूर के तौर पर बुलाया गया था। डीसीपी वरुणा जोन के अनुसार हिरासत में लिए गए कुछ लड़कों से पूछताछ की जा रही है, यह माल किसका और कौन गोदाम संचालित करा रहा है, उसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
लंबे समय से चल रही थी चमड़े की तस्करी
स्लॉटर हाउस के आसपास लंबे समय से जानवरों को काटने और उनके अवशेष बेचने का काम चल रहा था। पुलिस द्वारा पकड़ा गया चमड़ा कमलगढ़हा निवासी एक व्यक्ति का है। स्लॉटर हाउस के बगल में गोदाम में जानवरों के चमड़ों रखे जाते थे। माल को ट्रक पर लोड कर कानपुर भेजने की तैयारी थी।
180 से 200 रुपये तक बिकती है जानवरों की खाल
बरामद जानवरों के चमड़े और खाल को यहां से ट्रक सहित अन्य मालवाहकों पर लोड कर कानपुर भेजा जाता है। जहां पर इसे 180 रुपये से लेकर दो सौ रुपये तक में बेचा जाता है। एसीपी चेतगंज संतोष मीणा ने बताया कि ट्रक पर लोड और गोदाम के अंदर से जानवरों के काले चमड़े बरामद किए गए हैं।
मिलाते थे परफ्यूम, ताकि दुर्गंध न फैले
गोदाम के अंदर परफ्यूम व सेंट जैसा केमिकल मिलाया जाता था कि मांस का दुर्गंध न फैले। आसपास रहने वालों को इसकी भनक जरूर थी लेकिन पुलिस को सूचना नहीं मिल पा रही थी। गोदाम से कुछ ही दूरी पर आदमपुर थाना क्षेत्र लगने के कारण जैतपुरा और आदमपुर पुलिस दोनों इस गोदाम से अनजान बनी हुई थी। इलाकाई चौकी इंचार्ज को भी नहीं मालूम चल पाया कि स्लॉटर हाउस के बगल में क्या चल रहा है। वहीं स्थानीय एलआईयू को भी गोदाम के बारे में भनक नहीं लग सकी।