यूपी के देवरिया जिले में निजी बालिका गृह की जांच में 18 लड़कियों के गायब होने का मामला उजागर होने के बाद सूबे में हड़कंप मचा हुआ है। अब गाजीपुर में जिला प्रशासन की टीम ने आबकारी विभाग के सामने अवैध तरीके से संचालित संवासिनी गृह पर फोर्स के साथ गुरुवार की देर रात छापेमारी की। इस दौरान दो महिलाओं सहित तीन लोग दबोचे गए।
फर्जी तरीके से चलाए जा रहे आश्रय गृह से बरामद दोनों महिलाओं की काउंसलिंग करने के बाद उन्हें उनके घर भेजने की कवायद शुरू कर दी गई है। प्रशासनिक अफसरों के निर्देश पर जिला अस्पताल में बरामद महिलाओं की कुछ आवश्यक जांच भी कराई गई है। शुक्रवार को जिलाधिकारी के निर्देश के बाद अल्पवास गृह के संचालक के खिलाफ शहर कोतवाली में जेजे एक्ट की धारा 40 और 41 के तहत मुकदमा पंजीकृत करा लिया गया है। फिलहाल संवासिनी गृह पर ताला लटका हुआ है तथा उसके अन्य कर्मचारी फरार हैं।
देवरिया और बिहार के मुजफ्फरपुर में बालिकाओं से दुराचार की घटना के बाद सक्रिय प्रशासन ने शहर में छापेमारी शुरू की थी। गुरुवार को देर रात लंका स्थित आबकारी विभाग के सामने चलाए जा रहे महिला अल्पवास गृह पर एडीएम राजेश कुमार, एसडीएम शिवशरण अप्पा, जिला प्रोबेशन अधिकारी अनिल सोनकर, तहसीलदार मुकेश कुमार आदि की टीम ने छापेमारी की थी।
वहां से दो महिलाओं को बरामद कर गोराबाजर स्थित आशा ज्योति केंद्र पर भेज दिया गया और संचालक को पूछताछ के लिए गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में पाया गया कि पूर्व में सचल पालना गृह - स्वधार योजना के तहत इस महिला अल्पवास गृह को मान्यता मिली थी। 12 वर्ष पूर्व इसकी स्थापना हुई थी जिसका उद्देश्य नरेगा मजदूरों के बच्चों को रखना था।
शासन के निर्देश पर प्रदेश के सचल पालना गृहों की जांच के आदेश दिए गए थे। सीबीआई द्वारा इस जांच में अनियमितता पाए जाने पर जून 2017 में सीबीआई ने इसका संचालन बंद करा दिया। इसके बाद इस केंद्र पर प्रभात कुमार विकास समिति के तहत खुला आश्रय गृह का बोर्ड लगा दिया गया। जांच में पाया गया कि इस केंद्र का पंजीकरण नहीं था। जिससे यह अवैध रूप से चल रहा था।
छापेमारी के दौरान दो महिलाएं मिलीं जिन्हें आशा ज्योति केंद्र पर भेज दिया गया। इसमें से एक महिला के पास एक वर्ष का बच्चा भी है। शुक्रवार को जिला अस्पताल में इनकी जांच कराई गई। इस केंद्र का संचालन क्यों हो रहा था और इसके लिए धन कहां से आता था। इसकी पूछताछ संचालक से की जा रही है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी अनिल कुमार सोनकर ने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देश के बाद संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दिया गया है। महिला अल्पवास गृह का अवैध संचालन किया जा रहा था इसकी जांच की जा रही है। महिलाओं को उनके घर भेजने का प्रयास किया जा रहा है।