केंद्र व्यवस्थापक और आईटी हेड द्वारा परीक्षा के एक दिन पहले अभ्यर्थी के कंप्यूटर को बूटेबल मोड से हटाकर उसमें रिमोट एक्सेस एप्लीकेशन एनिडेस्क इंस्टाल किया जाता है। फिर उसका एक्सेस बाहर बैठे हैकर को दिया जाता है। हैकर द्वारा कंप्यूटर में इंटरनेट के लिए सीसी प्रॉक्सी सर्वर इंस्टाल किया जाता है।
फिर कंप्यूटर में एम्मी एडमिन साफ्टवेयर (आरएटी) डाला जाता है। फिर परीक्षा के दिन उस कंप्यूटर का आईपी एड्रेस बाहर बैठे हैकर को दे दिया जाता है, जिससे स्क्रीन हैकर के पास दिखने लगती है, जिससे वहां पर बैठे सॉल्वर के जरिये पेपर को सॉल्व कर दिया जाता है। एडीसीपी टी. सरवणन ने बताया कि गिरोह के अन्य आरोपियों की पहचान भी की जा रही है।
कंप्यूटर हैक करने वाले साहिल अख्तर निवासी मकबूल आलम रोड खजुरी और अभ्यर्थी मनोज यादव निवासी रुस्तमपुर चौबेपुर की पूर्व में गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तारी टीम में एसआई नीलम सिंह, एसआई सतीश सिंह, साइबर विशेषज्ञ श्याम लाल गुप्ता, आलोक कुमार सिंह, प्रभात द्विवेदी और गोपाल चौहान आदि रहे।