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पुलिस रेडियो ऑपरेटर भर्ती परीक्षा: पेपर लीक मामले में सॉल्वर गिरोह के मास्टरमाइंड समेत 4 गिरफ्तार, ये है मामला

Mon, 02 Sep 2024 12:55 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

पुलिस की रेडियो ऑपरेटर भर्ती परीक्षा में पेपर लीक मामले में सॉल्वर गिरोह के मास्टरमाइंड समेत चार आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। पेपर लीक में करण इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के आईटी हेड और केंद्र व्यवस्थापक भी शामिल हैं।
 
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पुलिस के गिरफ्त में चारों आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कंप्यूटर हैक कर पुलिस रेडियो ऑपरेटर भर्ती परीक्षा का पेपर लीक मामले में सॉल्वर गिरोह के मास्टरमाइंड समेत चार आरोपियों को साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार किया। आरोपियों को कोर्ट ने जेल भेज दिया। चोलापुर के चमराहा चौराहा स्थित करण इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में परीक्षा के दौरान कंप्यूटर में छेड़छाड़ के दौरान ही दो आरोपियों को चिह्नित किया गया था।

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आरोपियों की पहचान सारनाथ के दनियालपुर निवासी गिरोह का मास्टरमाइंड अजय कुमार मौर्य, सिंधौरा बाजार निवासी व करण इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का तत्कालीन हेड उमेश कुमार भारद्वाज, नाटी इमली का रहने वाला हिमांशु त्रिपाठी और करण इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की तत्कालीन केंद्र व्यवस्थापक के रूप में हुई है।

डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे अभ्यर्थियों से मिलकर उनसे उनका पेपर, कंप्यूटर को हैक कर उसका एक्सेस बाहर बैठे सॉल्वर को भेजकर पास कराने का ठेका लेते हैं, जिसके लिए अच्छी खासी रकम ली जाती है। फिर ऑनलाइन सेंटर के केंद्र व्यवस्थापक व आईटी हेड के साथ मिलकर सेटिंग बनाई जाती है। 

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केंद्र व्यवस्थापक और आईटी हेड द्वारा परीक्षा के एक दिन पहले अभ्यर्थी के कंप्यूटर को बूटेबल मोड से हटाकर उसमें रिमोट एक्सेस एप्लीकेशन एनिडेस्क इंस्टाल किया जाता है। फिर उसका एक्सेस बाहर बैठे हैकर को दिया जाता है। हैकर द्वारा कंप्यूटर में इंटरनेट के लिए सीसी प्रॉक्सी सर्वर इंस्टाल किया जाता है।

फिर कंप्यूटर में एम्मी एडमिन साफ्टवेयर (आरएटी) डाला जाता है। फिर परीक्षा के दिन उस कंप्यूटर का आईपी एड्रेस बाहर बैठे हैकर को दे दिया जाता है, जिससे स्क्रीन हैकर के पास दिखने लगती है, जिससे वहां पर बैठे सॉल्वर के जरिये पेपर को सॉल्व कर दिया जाता है। एडीसीपी टी. सरवणन ने बताया कि गिरोह के अन्य आरोपियों की पहचान भी की जा रही है।

कंप्यूटर हैक करने वाले साहिल अख्तर निवासी मकबूल आलम रोड खजुरी और अभ्यर्थी मनोज यादव निवासी रुस्तमपुर चौबेपुर की पूर्व में गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तारी टीम में एसआई नीलम सिंह, एसआई सतीश सिंह, साइबर विशेषज्ञ श्याम लाल गुप्ता, आलोक कुमार सिंह, प्रभात द्विवेदी और गोपाल चौहान आदि रहे।
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