अपर पुलिस उपायुक्त महिला अपराध नम्रता श्रीवास्तव ने अमर उजाला फाउंडेशन के पुलिस की पाठशाला में छात्राओं को सुरक्षा का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि अपनी जिम्मेदारियों को समझे, सावधान रहें। साथ ही एक जिम्मेदार नागरिक बने। खुद को कमजोर न समझे।
सबसे अहम नंबर पुलिस का पीआरवी डायल-112 है। इस नंबर पर कॉल करने से पुलिस, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस की मदद मिलती है। अगर आप रात में कहीं अकेली फंस गईं तो डायल-112 पर कॉल करने के 3 से 5 मिनट के अंदर पीआरवी पहुंचेगी और मंजिल तक पहुंचाएगी। पीआरवी में महिला सिपाही भी होती हैं।
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यह बातें अपर पुलिस उपायुक्त महिला अपराध नम्रता श्रीवास्तव ने बृहस्पतिवार को शिवपुर के परमानंदपुर में अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज में अमर उजाला फाउंडेशन के पुलिस की पाठशाला में कहीं। छात्राओं से कहा कि अपनी जिम्मेदारियों को समझे, सावधान रहें। साथ ही एक जिम्मेदार नागरिक बने। खुद को कमजोर न समझे।
शारीरिक और मानसिक रूप से खुद को मजबूत करें और किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहें। पुलिस हर कदम पर आपके साथ है। एक शिक्षक की भूमिका में पुलिस की कार्यशैली से लेकर बचाव, सुरक्षा के गुर भी सिखाए। कहा कि बढ़ते अपराध और सुरक्षा के लिए खुद आवाज उठानी होगी। छात्राओं को अपना थाना मालूम होना चाहिए। सर्किल और जोन के पुलिस अधिकारियों के बारे में जानकारी होनी चाहिए। निडर बनिए और किसी भी बात को छिपाइए नहीं।
अपर पुलिस आयुक्त अपराध महिला का स्वागत कॉलेज की प्रो. आभा सक्सेना ने किया। महिला कल्याण की जनरल स्पेशलिस्ट प्रियंका राय, रेखा श्रीवास्तव और एंटी रोमियो स्क्वॉड की जिला प्रभारी रंजना उपाध्याय ने भी जागरूक किया। कॉलेज की प्रो. अनीता सिंह, डॉ. मृदुला व्यास, डॉ. श्रृंखला, डॉ. वंदिनी, शोभा प्रजापति, डॉ. नंदिनी पटेल, डॉ. ऊषा, डॉ. सुमन सिंह, डॉ. मेनका, डॉ. पूजा मौजूद रहीं।