चौबेपुर थाना परिसर में पौधरोपण करते संतोष।
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वाराणसी के छितौनी गांव में सोमवार को गिरफ्तारी की आशंका के बाद भी जब पुलिस घर नहीं पहुंची तो वह व्यक्ति खुद ही थाने पहुंच गया। सोमवार का पूरा दिन थाने में बिताने के बाद उसके थाने में अशोक का पौधा भी लगाया।
देर शाम तक जब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो वह थाने से वापस लौट गया। दरअसल छितौनी गांव निवासी संतोष मूरत सिंह पिछले काफी समय से खुद को जिंदा साबित करने में लगा है। क्षेत्र में जब भी कोई वीआईपी आता है तो पुलिस उसे हिरासत में ले लेती है और वीआईपी के जाने के बाद उसे छोड़ देती है।
सोमवार को आगरा में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आगमन हुआ तो संतोष को लगा कि अब पुलिस उसे गिरफ्तार करने आएगी, लेकिन सोमवार को गिरफ्तारी न होने बाद संतोष खुद ही थाने पहुंच गया और वहां पौधरोपण भी किया। संतोष काफी समय पहले काम करने मुंबई गया था और गांव से किसी के संपर्क में नहीं था।
इस बीच उसके परिवार के ही कुछ लोगों ने संतोष को मृत बता कर उसके नाम साढ़े बारह एकड़ जमीन को अपने नाम करा लिया। तब से संतोष मैं जिंदा हूं का पोस्टर लिए घूम रहा है। लखनऊ व वाराणसी में वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के काफिले के सामने कूद गया था। तब से पुलिस किसी भी वीआईपी के आगमन पर उसे गिरफ्तार कर लेती है।