अहरौला (आजमगढ़) । पिता और भाई की गैर मौजूदगी में बलात्कार पीड़ित किशोरी को कोर्ट में बयान के लिए जबरन ले जाने का आरोप लगाकर सोमवार को ग्रामीणों ने अहरौला थाने की पुलिस को बंधक बना लिया। इसकी सूचना पर कई थानों की फोर्स लेकर एसओ बूढनपुर मौके पर पहुंचे। किशोरी और उसके घर वालों को आश्वासन देकर बंधक बने पुलिसकर्मियों को छुड़ाया। मामला दो समुदायों का होने से क्षेत्र में तनाव बना हुआ है।
अहरौला थाना क्षेत्र के एक गांव में पिता ने अपनी किशोरी पुत्री को भगाने का आरोप लगाकर बगल के गांव के मोहम्मद मुस्तकीम, अबूबकर उर्फ पप्पू और गोलू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। 15 जून को एसओ अहरौला ने किशोरी के साथ मौजूद मो. मुस्तकीम को गिरफ्तार कर लिया। पीड़िता का मेडिकल मुआयना के बाद घर भेज दिया गया। जबकि आरोपी को अभी तक थाने में बैठाकर रखा गया है। लड़की के घरवालों का आरोप है कि पुलिस आरोपी का चालान करने की बजाय विपक्षियों के प्रभाव में आकर किशोरी पर दबाव बनाने और कोर्ट में 164 का बयान दर्ज कराने के लिए सोमवार को किशोरी के घर पहुंची। इस दौरान एक दरोगा समेत आधा दर्जन महिला और पुरुष सिपाही मौजूद थे। घर में पिता और भाई के न रहने पर किशोरी ने कहा कि पिता या भाई के आने पर वह अपना बयान देने जाएगी। आरोप है कि पुलिस के लोग जबरन किशोरी को गाड़ी में बैठाने लगे। किशोरी की चीख पुकार सुनकर गांव के लोगों ने पुलिस वालों को बंधक बना लिया। घटना की जानकारी होने पर एसओ अहरौला कई थानों की फोर्स लेकर पहुंचे और किशोरी के मुताबिक कार्रवाई करने का आश्वासन देकर बंधक बने पुलिस वालों को मुक्त कराया। सीओ बूढ़नपुर रामजन्म ने बताया कि मामला हमारे संज्ञान में नहीं है। अपने स्तर से इसकी जांच करवाकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी।