सूचना मिलते ही रसड़ा पुलिस मौके पर पहुंच गई। घायल को पहले सीएचसी रसड़ा, वहां से जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था किंतु उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। एसटीएफ के डिप्टी एसपी डीके साही ने बताया कि हरीश पासवान कुख्यात अपराधी व सिवान के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन का प्रमुख शूटर था। ये नए अपराधी बनाता था। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, उड़ीसा, बिहार एवं झारखंड में अपराध को अंजाम देता था। इस पर 33 आपराधिक मामले दर्ज थे। हरीश पासवान के खिलाफ बैरिया पुलिस ने सात जुलाई 2021 को जिपं के पूर्व सदस्य जलेश्वर सिंह की हत्या में मुकदमा दर्ज किया था।
हरीश पासवान पर दर्ज मुकदमे
एसटीएफ की टीम में इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश सिंह, यशवंत सिंह सहित डेढ़ दर्जन पुलिसकर्मी शामिल रहे। एसटीएफ टीम के तहरीर पर रसड़ा कोतवाली में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
मुठभेड़ के बाद एसपी राजकरन नय्यर ने भी घटना स्थल का निरीक्षण किया। एसपी ने बताया कि जनपद पुलिस व स्वाट टीम हरीश की तलाश कर रही थी। पांच प्रांतों में संगीन मामले होने से एसटीएफ भी लगी थी। बैरिया में पूर्व जिला पंचायत सदस्य जलेश्वर सिंह हत्याकांड और 10 लाख रुपए की रंगदारी मांगने में भी वह आरोपी था।
एनकाउंटर में मारे गए कुख्यात हरीश पासवान पर हत्या के सात, हत्या के प्रयास के पांच, लूट व डकैती के पांच मामले सहित कुल 32 मुकदमे उत्तर प्रदेश, बिहार, झाड़खंड व छत्तीसगढ़ में दर्ज है। आरोप है कि बिहार के एक जनप्रतिनिधि के पति के संरक्षण में काफी दिनों से हरीश पासवान का जनपद ही नहीं पश्चिमी बिहार, छत्तीसगढ़ और झाड़खंड के बोकारो जनपद में भी आतंक था। बता दें कि 33 मामले तो पुलिस के रिकार्ड में दर्ज है। इसके अलावा उसने कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया है। वर्ष 2017 में जिला पंचायत का चुनाव जेल में रहकर ही 58 नंबर वार्ड से लड़ा था, लेकिन जनता ने उसे नकार दिया था।