बृहस्पतिवार को ट्रैफिक लाइन स्थित नवीन सभागार में प्रेसवार्ता में डीसीपी सरवणन टी., एसीपी भेलूपुर ईशान सोनी और एसीपी चेतगंज विदुष सक्सेना ने इस पूरे मामले का खुलासा किया। गिरफ्त में आए ठगों के पास से नेपाल का सिमकार्ड, 54 मोबाइल, नौ लैपटॉप, 15 क्रेडिट-डेबिट कार्ड, 31.33 लाख रुपये की ठगी का पैसा आदि बरामद किया गया है।
वहीं सिगरा और लक्सा में बनाए फर्जी कॉल सेंटर को पुलिस ने सील कर दिया है। डीसीपी क्राइम सरवणन टी. ने बताया कि एनसीसीआरपी पोर्टल पर दर्ज एक शिकायत के आधार पर खुलासा हुआ है। ये साइबर अपराधी लोगों को कॉल करके उनको निवेश और शेयर मार्केट में ट्रेडिंग का ऑफर देते थे। उन्हीं के पैसों से भारी लाभ लेते थे। फिर मार्केट में लॉस दिखा कर उनसे ठगी कर ली जाती थी।
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सरवणन टी ने बताया कि ये लोग पिछले ढाई साल से फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे। प्रथम दृष्टया तो ये पता चला था कि ये लोग डीमैट अकाउंट खुलवाने का काम करते हैं। लेकिन जांच के बाद पता चला कि कॉल सेंटर के हर कर्मचारी के दो-दो नाम थे।