यूपी के बनारस और इलाहाबाद में फर्जी संस्थान खोलकर रेडियो जॉकी बनाने के नाम पर छात्र-छात्राओं से लाखों रुपये की ठगी करने वाले संचालक व उसके दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया। इनके खिलाफ एक दिन पहले ही इलाहाबाद के जार्जटाउन थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि संस्थान फर्जी है और छात्रों से ठगी की गई। इन्होंने अभी तक कितने छात्र-छात्राओं को अपना निशाना बनाया, इसका खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस इसकी जांच में लगी है। सभी तीनों आरोपी बनारस में भी वांछित चल रहे थे। यहां पर छात्राओं ने प्लेसमेंट के नाम पर यौन शोषण के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि स्कूल ऑफ ब्रॉडकॉस्टिंग नाम से वाराणसी के महमूरगंज और इलाहाबाद के टैगोर टाउन में संस्थान चलाया जा रहा था। संस्थान साईं स्टेट एंड एजुकेशन ट्रस्ट के अधीन था।
इसका संचालक साईं शेखर तिवारी (ज्योति भूषण) है। इसके अलावा अल्लापुर का प्रशांत शुक्ला और राजापुर निवासी यशार्थदीप श्रीवास्तव उसके सहयोगी हैं। संस्थान की कोई मान्यता नहीं थी लेकिन, आरजे व एंकरिंग कोर्स के नाम पर छात्रों को धोखा देकर 1.5 लाख रुपये वसूले जा रहे थे।
संचालक साईं शेखर के खिलाफ दो माह पहले बनारस में भी छात्राओं ने फर्जीवाड़े, प्लेसमेंट के नाम पर यौन शोषण के प्रयास की सिगरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
बनारस में मामला खुलने के बाद यहां भी छात्रों ने जार्जटाउन थाने में संचालक के खिलाफ तहरीर दी। इसके बाद पुलिस जांच में जुट गई। जांच में सामने आया कि छात्र-छात्राओं से सीधे तौर पर ठगी की जा रही थी।