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वाराणसी में पीएनबी मैनेजर की हत्याः वारदात की वजह पंचायत चुनाव में कैश हेराफेरी तो नहीं? इन सवालों के जवाब में उलझी पुलिस

Thu, 10 Jun 2021 10:01 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी में बुधवार की शाम दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया गया। पंजाब नेशनल बैंक के करखियांव शाखा के प्रबंधक की गोली मार कर हत्या कर दी गई और  41 लाख रुपये लूट लिए गए। वारदात को अंजाम देने वाले लोग प्रबंधक की जान-पहचान के लोग थे। पुलिस इस मामले की पड़ताल में जुटी है। इस हत्याकांड में ऐसे कई सवाल हैं जिसका जवाब किसी के पास नहीं है। 
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नहीं सुलझ रही है कैश जुटाने की कहानी, स्कार्पियों में किस मुद्दे पर बिगड़ी बात - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी में बीते दिन की शाम पीएनबी बैंक प्रबंधक की गोली मार कर हत्या कर दी गई और 41 लाख रुपये लूट लिए गए। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद से हड़कंप मचा है। पुलिस इस वारदात की वजह तलाशने में जुटी है।  पुलिस की जांच में इस पूरी वारदात को पंचायत चुनाव से भी जोड़ा जा रहा है। ऐसे कई सवाल हैं जिसका जवाब अब तक नहीं है।  

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पंजाब नेशनल बैंक के करखियांव शाखा के प्रबंधक फूलचंद राम की बुधवार सुबह से नकद जुटाने की कहानी पुलिस नहीं सुलझा पा रही है। सुबह ही दूसरी शाखा से 41 लाख रुपये जारी कराकर अपनी ब्रांच में पहुंचे शाखा प्रबंधक शाम को घर जाने से पहले अपनी शाखा के छह लाख रुपये भी साथ लेकर निकले थे।

किराए की स्कार्पियो और फिर दूसरे स्कार्पियो सवारों को अपने साथ लेने से लेकर जौनपुर की तरफ तक की पूरी कहानी के तार पुलिस जोड़ रही है।  प्रथम दृष्टया माना जा रहा है कि स्कार्पियों में कैश को लेकर ही बात बिगड़ी और बदमाशों ने हत्या कर नकदी लूट ली। उधर, इस पूरी वारदात में पुलिस की बड़ी लापरवाही भी सामने आ रही है। जानकारी होने के बाद भी पुलिस ने सूचना नहीं फ्लैश कराई। ऐसे में बदमाश आसानी से वाराणसी सीमा से फरार हो गए।

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47 लाख रुपये बैंक के हिसाब से गायब

वारदात के बाद पुलिस की सूचना पर बैंक अधिकारियों की पड़ताल में 47 लाख रुपये बैंक के हिसाब से गायब मिले हैं। पुलिस की माने तो बैंक प्रबंधक की हत्या के बाद कैश लूटने वाले बदमाश पिछले कई दिनों से बैंक प्रबंधक के संपर्क में थे। दिन में भी संभवत: बैंक प्रबंधक की बदमाशों से बात हुई थी।

तय कार्यक्रम के तहत ही बदमाशों के बुलावे पर शाम पांच बजे के बाद महाराष्ट्र नंबर की किराए की स्कार्पियो से फूलपुर निवासी चालक संजय और गाड़ी के एजेंट सुनील के साथ बैंक प्रबंधक बाबतपुर की ओर निकले। बीच रास्ते में पहुंचे तो उन्होंने चालक से कहा कि जौनपुर चलो। कुछ दूर वाहन पहुंचा तो सफेद रंग की एक और स्कार्पियो खड़ी मिली, जिसमें कुल चार लोग सवार थे।

बैंक प्रबंधक के इशारा करते ही स्कार्पियो में सवार दो युवक आकर बैंक प्रबंधक की गाड़ी में बैठ गए। उस दौरान एजेंट सुनील बैंक प्रबंधक के कहने पर जाकर दूसरी स्कार्पियो में बैठ गया। इसके बाद प्रबंधक की गाड़ी जौनपुर की ओर घूमी तभी बदमाशों ने पिंडराई गांव के पास गाड़ी ओवरटेक करके रोकी और फिर दाहिनी कनपटी और गले के बीच में सटाकर एक युवक ने गोली दाग दी। पुलिस की पूछताछ में चालक संजय ने बताया कि दोनों युवक से बैंक प्रबंधक बहुत घुले मिले हुए लग रहे थे। 

हत्या की वजह पंचायत चुनाव में कैश हेराफेरी तो नहीं

पुलिस की जांच में इस पूरी वारदात को पंचायत चुनाव से भी जोड़ा जा रहा है। क्षेत्र पंचायत सदस्यों और जिला पंचायत सदस्यों को अपने पाले में करने के लिए लाखों रुपये की बोली लग रही है। ऐसे में बैंक का रोल यहां पर और भी अहम हो जाता है। इन दिनों रकम को एकत्रित करने की भी योजना पर भी कई धनपशु और बाहुबली छवि के सफेदपोश काम पर अपनों को लगा दिए हैं।

बैंक प्रबंधक की हत्या को भी जिला पंचायत चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है। पीएनबी के सर्किल अफसर राजेश कुमार ने बताया कि यह जांच का विषय है कि इतनी रकम लेकर प्रबंधक कहां जा रहे थे। छह लाख नगद पीएनबी ब्रांच से निकाला गया था तो उसकी कागजात आदि की छानबीन की जा रही है। कैशियर से भी पूछताछ की जाएगी। घटनास्थल पर मुख्य प्रबंधक सहित अन्य अफसर पहुंचकर लूट के रुपयों की जांच कर रहे हैं।

शूटरों के जौनपुर कनेक्शन की जांच

जिस तरीके से बैंक प्रबंधक फूलचंद्र राम की हत्या की गई, ठीक इसी अंदाज में सदर तहसील शिवपुर में 30 सितंबर 2019 को बस संचालक नितेश सिंह बबलू की बुलेट प्रूफ फार्च्यूनर में हत्या कर दी गई थी। शूटरों ने बबलू को संभलने तक का मौका नहीं दिया था। हत्या के बाद बदमाश जौनपुर की ओर भाग गए थे। इसी तरह बैंक प्रबंधक की हत्या की गई और बदमाश जौनपुर की ओर ही भागे। हालांकि बबलू की हत्या में एक लाख इनामी गिरधारी विश्वकर्मा को पुलिस ने लखनऊ में 15 फरवरी को मुठभेड़ में मार गिराया था।
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अपराधियों के लिए सेफ जोन बना पिंडरा

मछलीशहर और वाराणसी के बीच पिंडरा अपराधियों के लिए सेफ जोन बन चुका है। हत्या, लूट और छिनैती की घटनाओं को अंजाम देने के बाद बदमाश बड़े ही आराम से पिंडरा होकर मछलीशहर में प्रवेश कर जाते हैं। पिछले हफ्ते ही बदमाशों ने फूलपुर थाना के गजोखर गांव प्रधान के बड़े भाई और पूर्व फौजी संतोष पाल को खेत में खाद डालते समय गोली मार दी थी। लगातार हो रही वारदातों से क्षुब्ध होकर परिजनों और ग्रामीणों ने रात में प्रबंधक का शव रखकर चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों और परिजनों को समझाने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। 
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