पहले चरण में होगा पांच लाख लीटर होगा दूध उत्पादन
पिंडरा के करखियांव में अमूल प्लांट का निर्माण चरणबद्ध तरीके से होगा। पहले चरण में पांच लाख लीटर पैकेटबंद दूध का उत्पादन किया जाएगा। पहले चरण का प्लांट निर्माण 18 माह में पूरा हो जाएगा। इसके बाद प्लांट विस्तार का कार्य होगा। विस्तार के बाद 10 लाख लीटर पैकेटबंद दूध का प्रतिदिन उत्पादन किया जाएगा। इससे तीन लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
वाराणसी और समीपवर्ती जनपदों में गांव-गांव कलेक्शन सेंटर खोले जाएंगे। अमूल ब्रांड की मूल उत्पादन इकाई बनास (बनासकांठा जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लि.) डेयरी है। इसकी शुरुआत गुजरात के बनासकांठा जिले से हुई है। इसका नाता काशी से जोड़ते हुए इस संकुल का नाम बनास काशी संकुल रखा गया है। दस लाख लीटर तक भविष्य में इसकी क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसमें वाटर ट्रीटमेंट, सोलर प्लांट भी होगा जिससे ग्रीन एनर्जी का यह बड़ा उदाहरण भी होगा।
देश के लिए मिसाल होगा रामनगर का बायो गैस प्लांट
रामनगर का बायोगैस आधारित विद्युत उत्पादन संयंत्र देश के लिए मिसाल होगा। 19 करोड़ की लागत से तैयार होने वाले बायो गैस प्लांट के जरिए विद्युत उत्पादन किया जाएगा। इससे रामनगर स्थित दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ का संचालन होगा। यह अपने आप में देश का पहला बायो गैस से संचालित होने वाला दुग्ध उत्पादन केंद्र होगा।
चेहरे पर खिल उठी मुस्कान
पीएम नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर डेयरी से जुड़े बोनस को जारी कर डेयरी उद्योग की महत्ता और इसे अवसर के तौर पर लेने के लिए किसानों में प्रेरणा भरी। इस दौरान एक लाख 70 हजार दुग्ध उत्पादकों को 35.2 करोड़ रुपये बोनस पीएम ने आनलाइन हस्तांतरण कर दुग्ध उत्पादकों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी।