फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वाराणसी: पीएम के विजन ने रखी पूर्वांचल में दुग्ध क्रांति की नींव, डेढ़ साल में बनकर तैयार हो जाएगा अमूल प्लांट

Thu, 23 Dec 2021 09:09 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को करखियांव में बनास डेयरी का शिलान्यास हुआ है और डेढ़ साल में यह बनकर तैयार हो जाएगा। साथ ही इस दौरान पीएम ने जनसभा को संबोधित किया और करोड़ों रुपये की परियोजनाएं जनता को सौंपी।
विज्ञापन
अमूल प्लांट। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वाराणसी के बनास काशी संकुल में बनने वाले अमूल प्लांट से श्वेत क्रांति आएगी और पूर्वांचल की अर्थव्यवस्था में भी सुधार होगा। करखियांव में 475 करोड़ की लागत से बनने वाले बनास काशी शंकुल का गुरुवार को शिलान्यास हो गया। डेढ़ साल में अमूल प्लांट यहां बनकर तैयार हो जाएगा। श्वेत क्रांति की शुरूआत के साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

विज्ञापन


पीएम मोदी ने गुरुवार को पिंडरा ब्लाक के करखियांव में अमूल प्लांट का शिलान्यास किया। बनास डेयरी के चेयरमैन शंकरभाई चौधरी ने कहा कि इस प्लांट की शुरूआत से आने वाले समय में तीन लाख लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। पशुपालकों की आय दुगुनी होगी और उन्हें उचित मूल्य के साथ ही कंपनी की ओर से वार्षिक बोनस भी दिया जाएगा।

बनास डेयरी से जुड़े लोगों के सामने नौकरी व व्यवसाय के नए अवसर खुलेंगे और इससे पलायन भी रुकेगा। वहीं प्लांट लगने से अब वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़ और आसपास के जिलों के किसानों के लिए अमूल की यह परियोजना बड़ा अवसर साबित होने जा रही है।

विज्ञापन

पहले चरण में होगा पांच लाख लीटर होगा दूध उत्पादन
पिंडरा के करखियांव में अमूल प्लांट का निर्माण चरणबद्ध तरीके से होगा। पहले चरण में पांच लाख लीटर पैकेटबंद दूध का उत्पादन किया जाएगा। पहले चरण का प्लांट निर्माण 18 माह में पूरा हो जाएगा। इसके बाद प्लांट विस्तार का कार्य होगा। विस्तार के बाद 10 लाख लीटर पैकेटबंद दूध का प्रतिदिन उत्पादन किया जाएगा। इससे तीन लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

वाराणसी और समीपवर्ती जनपदों में गांव-गांव कलेक्शन सेंटर खोले जाएंगे। अमूल ब्रांड की मूल उत्पादन इकाई बनास (बनासकांठा जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लि.) डेयरी है। इसकी शुरुआत गुजरात के बनासकांठा जिले से हुई है। इसका नाता काशी से जोड़ते हुए इस संकुल का नाम बनास काशी संकुल रखा गया है। दस लाख लीटर तक भविष्य में इसकी क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसमें वाटर ट्रीटमेंट, सोलर प्लांट भी होगा जिससे ग्रीन एनर्जी का यह बड़ा उदाहरण भी होगा।
विज्ञापन

देश के लिए मिसाल होगा रामनगर का बायो गैस प्लांट
रामनगर का बायोगैस आधारित विद्युत उत्पादन संयंत्र देश के लिए मिसाल होगा। 19 करोड़ की लागत से तैयार होने वाले बायो गैस प्लांट के जरिए विद्युत उत्पादन किया जाएगा। इससे रामनगर स्थित दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ का संचालन होगा। यह अपने आप में देश का पहला बायो गैस से संचालित होने वाला दुग्ध उत्पादन केंद्र होगा। 

चेहरे पर खिल उठी मुस्कान
पीएम नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर डेयरी से जुड़े बोनस को जारी कर डेयरी उद्योग की महत्ता और इसे अवसर के तौर पर लेने के लिए किसानों में प्रेरणा भरी। इस दौरान एक लाख 70 हजार दुग्ध उत्पादकों को 35.2 करोड़ रुपये बोनस पीएम ने आनलाइन हस्तांतरण कर दुग्ध उत्पादकों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें