पीएम स्वनिधि योजना सहित छह श्रेणियों में हुई प्रतियोगिता में लंबी कवायद हुई है। इसमें योजना से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों को कार्य आवंटन, योजना लागू कराने की स्ट्रेटेजी, स्टेक होल्डर्स और लाभार्थियों की कैपेसिटी डेवलपमेंट, शिकायत निस्तारण, प्रक्रिया का डिजिटाइजेशन, अन्य स्टेक होल्डर्स का सहयोग, जन सहभागिता शामिल था।
क्वालिटेटिव मूल्यांकन में जन भागीदारी, लाभार्थियों के जीवन स्तर में परिवर्तन, उनको योजना का सही लाभ, उनके व्यवहार में सुधार आदि शामिल थे। क्वालिटेटिव मूल्यांकन में योजना के सभी स्तरों पर विभिन्न प्रकार के लक्ष्य, उनकी प्राप्ति, लाभान्वित व्यक्तियो की संख्या आदि शामिल था।
वाराणसी डीएम कौशल राज शर्मा
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जिलाधिकारी के रूप में 2006 बैच के आईएएस कौशल राज शर्मा के नेतृत्व में उन्हें चार राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। कानपुर नगर में सामान्य निर्वाचन 2017 के दौरान दिव्यांग व्यक्तियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए बेस्ट इलेक्टोरल प्रैक्टिसेज-2017 पुरस्कार, महिला सशक्तिकरण की दिशा में उत्कृष्ट योगदान के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, नई दिल्ली की ओर से लखनऊ को नारी शक्ति पुरस्कार-2018 प्रदान किया गया ।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, भारत सरकार द्वारा लखनऊ जनपद में दिव्यांगजनों को पुनर्वास सेवा उपलब्ध कराने में उत्कृष्ट कार्य के लिए दिव्यांगजन सशक्तिकरण राष्ट्रीय पुरस्कार-2018 से भारत के उपराष्ट्रपति द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया। ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा लखनऊ जनपद में ग्राम स्वराज अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए ग्राम स्वराज अभियान-2018 के लिए ग्राम विकास मंत्री नरेन्द्र तोमर द्वारा उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया।