Varanasi News: पीएम मोदी ने उज्जैन महाकाल से आई वैदिक घड़ी के बारे में कमिश्नर से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह घड़ी विक्रम संवत के हिसाब से समय बताती है लेकिन हमारी वैदिक परंपरा तो हजारों वर्षों पुरानी है। ऐसे में इस घड़ी में और अधिक गणना होनी चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में उज्जैन महाकाल से आई 740 किलोग्राम की विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भी देखी। इसके बारे में उन्होंने कमिश्नर एस राजलिंगम से जानकारी ली। उन्होंने कमिश्नर को सुझाव भी दिए।
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पीएम ने कमिश्नर से कहा कि यह घड़ी विक्रम संवत के हिसाब से समय बताती है लेकिन हमारी वैदिक परंपरा तो हजारों वर्षों पुरानी है। ऐसे में इस घड़ी में और अधिक गणना होनी चाहिए। इस पर काम करिये। कमिश्नर एस राजलिंगम ने बताया कि प्रधानमंत्री के सुझाव पर काम किया जाएगा।
बता दें कि तीन अप्रैल को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भेंट की थी। इस घड़ी के माध्यम से वैदिक समय, लोकेशन, भारतीय स्टैंडर्ड टाइम, भारतीय पंचांग, विक्रम संवत मास, ग्रह स्थिति, भद्रा स्थिति, चंद्र स्थिति की जानकारी मिलती है।
दो दिनों में पीएम मोदी को आठ जीआई उत्पादों का मिला तोहफा
पीएम मोदी के दो दिवसीय काशी दौरे में आठ जीआई उत्पादों को उपहार स्वरूप भेंट किया गया। काशी के जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों ने पीएम को गुलाबी मीनाकारी से निर्मित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की अनुकृति, त्रिशूल और डमरू भेंट किया। पीएम को यह विशेष उपहार बाबा विश्वनाथ के दरबार में दर्शन-पूजन के उपरांत कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल, डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, महापौर अशोक तिवारी, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, सौरभ श्रीवास्तव ने भेंट किया।
राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित हस्तशिल्पी कुंज बिहारी ने बताया कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का मॉडल बनाने में लगभग एक सप्ताह लगा। इसे खास तौर पर प्रधानमंत्री के लिए तैयार किया गया था। ऐसे में इस अनूठी कलाकृति को प्रधानमंत्री को भेंट करना स्थानीय कारीगरों के सम्मान और उनके हुनर को प्रोत्साहन देने वाला कदम है। जीआई एक्सपर्ट डॉ. रजनी कांत ने बताया कि प्रधानमंत्री को मंगलवार को बरेका की जनसभा में महिलाओं ने छह उपहार दिए, जबकि बुधवार को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के दौरान दो जीआई पंजीकृत क्राफ्ट प्रधानमंत्री को उपहार में दिए गए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार सुबह करीब 5 बजकर 20 मिनट पर जगे। गुनगुने पानी के सेवन से दिन की शुरुआत की। अदरक वाली चाय पी। कुछ समय उन्होंने योग व प्राणायाम में बिताया। इसके बाद उन्होंने विभिन्न समाचार पत्रों पर भी नजर डाली। बरेका गेस्ट हाउस से निकलने से पहले उन्हें पोहा और चाय के साथ हल्का नाश्ता दिया गया। मूंग की खिचड़ी, पापड़, ढोकला और चटनी दी गई। उनके कमरे में अलग-अलग तरह के ताजे फल भी रखे गए थे। सादगी भरी दिनचर्या के बाद प्रधानमंत्री की फ्लीट तय कार्यक्रम के तहत पुलिस लाइन की ओर निकली।