बीएचयू के सामाजिक विज्ञान संकाय के इतिहास विभाग की ओर से शुक्रवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी और पुरातन छात्र सम्मेलन की शुरुआत होगी। इसमें विश्व संस्कृति में जल संरक्षण : एक विमर्श विषय पर चर्चा होगी। साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी के जल संरक्षण के दृष्टिकोण पर मंथन होगा। मुख्य अतिथि बीएचयू के पुरा छात्र और तमिलनाडु कैडर के आईएएस आनंद कुमार सिंह होंगे। वैदिक विज्ञान केंद्र में जल संरक्षण के अलग-अलग आयामों, ऐतिहासिक परंपराओं और वर्तमान वैश्विक चुनौतियों पर चर्चाएं होंगी। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन प्रो. अशोक कुमार उपाध्याय करेंगे। आयोजन समिति ने बताया कि इस संगोष्ठी से इतिहास, समाजशास्त्र, पर्यावरण विज्ञान और नीति निर्माण के क्षेत्र में अंतर्विषयी संवाद को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम के समापन सत्र में विभिन्न शोधपत्रों की समीक्षा और भावी शोध दिशाओं पर चर्चा होगी।
पीएम मोदी के जल संरक्षण दृष्टिकोण पर होगा मंथन
प्राचीन सभ्यताओं में जल संरक्षण की परंपराएं, भारतीय जनजातीय समाज और जल संस्कृति, धार्मिक ग्रंथों में जल संरक्षण की अवधारणा, बौद्ध संस्कृति में जल का महत्त्व, गांधीवादी ग्राम दृष्टि और जल प्रबंधन, संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक स्तर पर जल संरक्षण प्रयास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श होगा। आयोजन समिति के सदस्यों की ओर से बताया गया कि कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल जल संरक्षण के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहलुओं को समझना है, बल्कि आधुनिक संदर्भों में जल संकट की चुनौतियों के समाधान के लिए वैचारिक आधार तैयार करना भी है।