फेरी क्रूज अस्सीघाट से राजघाट तक गंगा की लहरों पर दौड़ेगा। इसके लिए राजघाट और अस्सी पर टिकट काउंटर बनने के साथ पर्यटकों के बैठने की व्यवस्था की गई है। पंचकोसी मार्ग और रामेश्वर में विश्राम स्थल बनने से दर्शनार्थियों को काफी सुविधा होगी। यहां भी पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
रो-रो बोट पर मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि एक एक रो-रो में सात कर्मचारी तैनात रहेंगे। कर्मचारियों के रहने के लिए अंदर कमरे बनाये गए हैं। भोजन के लिए पैंट्री कार की व्यवस्था है। एक घंटे में करीब 40 लीटर डीजल की खपत होगी। एक रो-रो का नाम विवेकानंद क्रूज और दूसरे का साममाणिक साव क्रूज है। रो-रो बोट पर्यटकों को एक ओपन रेस्टॉरेंट का एहसास कराएगा। दूर-दराज से आने वाले पर्यटकों को रो-रो सर्विस काफी पसंद आएगी।