अपने संसदीय क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुझाव दिया है कि काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र का विकास सोमनाथ मंदिर की तरह किया जाए। मंदिर का स्वरूप कुछ ऐसा हो कि दिव्यांग भी बिना किसी तकलीफ बाबा के दर्शन कर सकें।
पीएम मोदी ने डीरेका में जिले के अधिकारियों के साथ मंदिर के विकास के लिए तैयार प्रजेंटेशन देखने के बाद श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों को कुछ और भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ मंदिर को आप लोग ऐसा बनाइए कि पूरी दुनिया के लोग यहां आकर समय बिताना चाहें।
मंदिर और उसके आसपास के क्षेत्र के विकास योजनाओं के प्रजेंटेशन के लिए 15 मिनट का समय मांगा था लेकिन जब प्रजेंटेशन शुरू हुआ तो पीएम ने इसमें दिलचस्पी दिखाई और 30 मिनट से अधिक का समय दिया।
प्रजेंटेशन देखने के बाद कहा कि आप लोग मंदिर के विकास के लिए सोमनाथ मंदिर से भी आइडिया ले सकते हैं। इसके साथ ही पीएम ने मंदिर परिक्षेत्र के पुरातन मंदिरों को संरक्षित करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं।
गंगा पाथवे और मंदिरों को बचाने की योजनाओं की टाइमलाइन तय करने और जल्द से काम पूरा करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ, कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण, जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा और वीडीए सचिव विशाल सिंह मौजूद रहे।