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लापरवाह 110 कोटेदारों को नोटिस

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ज्ञानपुर। कोटे की दुकानों से अनाज वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मुहिम में सहयोग न करने वाले जिले के 110 कोटेदारों को पूर्ति विभाग ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। राशन कार्डों की प्रत्येक यूनिट को आधार से लिंक कराने में उदासीनता बरत रहे कोटेदारों पर कार्रवाई की गई। सभी को 30 मार्च तक राशन कार्ड को आधार से लिंक कराने का निर्देश दिया गया है। जिले की 11 लाख 60 हजार यूनिट में अब तक सात लाख 26 हजार ही आधार से लिंक हो सके हैं।
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गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले लोगों को सस्ते दर पर अनाज मुहैया कराने के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत जिले में सात सौ कोटे की दुकानें संचालित की जाती हैं। योजना में अंत्योदय, पात्र गृहस्थी के कार्डधारकों को निर्धारित रेट पर गेहूं और चावल दिया जाता है। गरीबों के बजाए अनाज को कोटेदार बाजारों में ही बेच देते हैं। फर्जी राशन कार्ड के सहारे जमकर भ्रष्टाचार किया जाता है। योजना को पारदर्शी बनाने के लिए शासन ने एक-एक यूनिट को आधार से लिंक कराने का निर्देश दिया है। आधार से लिंक होने के बाद फर्जी राशन कार्ड की समस्या से लेकर वितरण तक की प्रक्रिया में सुधार की संभावना है। करीब तीन साल से आधार लिंक कराने की कवायद चल रही है, लेकिन अब तक सभी यूनिट आधार से लिंक नहीं हो सके। कमाई न रुके, इसके लिए बड़ी संख्या में कोटेदार यूनिट को आधार से लिंक कराने में लेटलतीफी कर रहे हैं। कई बार निर्देश देने के बाद भी यूनिट को आधार से लिंक न कराने पर पूर्ति विभाग ने जिले की तीनों तहसीलों के 110 कोटेदारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। आंकड़ों पर गौर किया जाए तो जिले में 11 लाख 60 हजार यूनिट आधार से लिंक होना है, लेकिन अब तक सात लाख 26 हजार यूनिट ही लिंक हो सका। जिला पूर्ति अधिकारी संजय पांडेय ने कहा कि 110 कोटेदारों को नोटिस जारी किया गया है। मार्च में सभी को लिंक कराना है। 31 मार्च तक जिन गांवों के यूनिट आधार से लिंक नहीं होंगे, वहां के कोटेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
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