पीएम मोदी ने गंगा में लगा डुबकी।
- फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का उद्घाटन किया है। पांच अगस्त 2020 में अयोध्या में राम मंदिर के लिए भूमि पूजन करने और इस साल नवंबर में केदारनाथ मंदिर में आदि शंकराचार्य की 12 फुट की प्रतिमा का उद्घाटन करने के बाद पीएम मोदी के बनारस को 700 करोड़ रुपये की काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का उद्घाटन करने से भारतीय जनता पार्टी को यूपी चुनाव में बड़ा सियासी फायदा मिलने की उम्मीद है।
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बाबा विश्वनाथ मंदिर के विकास का BJP को कितना होगा लाभ?
भारतीय जनता पार्टी के नेता अक्सर ये कहते हैं कि उनकी सरकार आने के बाद हिंदुओं के धार्मिक स्थलों का विकास किया गया है, जबकि इसके पहले इनकी उपेक्षा हो रही थी। अयोध्या और काशी विश्वनाथ मंदिर का कायाकल्प करके और पूरे इलाके को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करके भाजपा अपना यह दावा पूरा करती हुई भी दिखाई पड़ रही है। माना जा रहा है कि उसे इसका उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में लाभ भी मिल सकता है।
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सात दशक में पहली बार बाबा के दरबार का कायाकल्प
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में ड्रीम प्रोजेक्ट श्रीकाशी विश्वनाथ धाम अब पूर्णता की तरफ है। प्रधानमंत्री मोदी धाम का लोकार्पण करने के लिए काशी पहुंचे हैं। इसके लोकार्पण को अलौकिक, अद्भुत और अकल्पनीय बनाने में योगी आदित्यनाथ सरकार जुटी है ताकि बदलते भारत की नई तस्वीर पूरी दुनिया देख सके। आजादी के बाद सात दशक में पहली बार पीएम मोदी ने आठ मार्च 2019 को काशी विश्वनाथ मंदिर के कायाकल्प का शिलान्यास किया था।
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काशी विश्वनाथ मंदिर में पिछले दो साल से जारी पुनर्निर्माण कार्यों का पहला फेज पूरा हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को वाराणसी पहुंचकर प्रोजेक्ट का लोकार्पण भी कर दिया। मोदी ने यहां पहले गंगा नदी पर चलने वाले क्रूज से ललिता घाट तक का सफर किया और फिर गंगा में डुबकी भी लगाई। इसके बाद उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। पूरे मंदिर कॉरिडोर की बात की जाए तो पुनर्निर्माण कार्यक्रम को 800 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बताया गया है। मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र में इस महत्वाकांक्षी योजना की नींव मार्च 2019 में रखी थी। अब दो साल बाद पीएम ने पहले फेज में 339 करोड़ रुपये के खर्च से हुए पुनर्निर्माण कार्यक्रमों का लोकार्पण कर दिया है।
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वाराणसी के धार्मिक और ऐतिहासिक संदर्भों का जीवंत दस्तावेज लिखने जा रहा काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण कर पीएम मोदी ने ये तोहफा जनता के समर्पित कर दिया है। दिन के वक्त इस धाम की आभा तो अद्भुत दिखती ही है, लेकिन रात में ऐसा लगता है जैसे आसमान से तारे जमीन पर उतर आए हों। कहीं नीली, कहीं सुनहरी तो कहीं सतरंगी रोशनी बिखेरती एलईडी लाइट मंदिर परिसर की भव्यता को चार चांद लगा रही है। दो-तीन साल पहले काशी विश्वनाथ मंदिर का नजारा कुछ और था।
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इतिहास के पन्नों से मोदी ने पांच नामों का जिक्र किया, पढ़िए क्या हैं इसके सियासी मायने
श्री काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 50 मिनट तक भाषण दिया। उनका पूरा संबोधन पौराणिक कथाओं और मान्यताओं, बाबा विश्वनाथ, मां गंगा, श्रीराम मंदिर, राष्ट्र, सनातन, संस्कृति, प्राचीनता और देश के विकास पर केंद्रित था। इस बीच प्रधानमंत्री ने इतिहास के पन्नों में दर्ज पांच ऐसे नामों का जिक्र किया जिसे बड़ा सियासी दांव बताया जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अपने इस संबोधन के जरिए इशारों ही इशारों में प्रधानमंत्री ने हिंदुओं को एकजुट होने का संदेश दिया है।
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तीन साल पहले और अब, तस्वीरों में देखें कैसे भव्य बना बाबा का दरबार
इंतजार खत्म हुआ। बनारस सहित पूरे देश की समृद्ध विरासत में सोमवार को एक नया नगीना जुड़ गया। बनारस के सासंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी विश्वनाथ धाम को राष्ट्र को समर्पित किया। करीब 33 माह में बनकर तैयार काशी विश्वनाथ धाम अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है।
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