कोरोना संक्रमण काल में जिस तरह से आयुर्वेद ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींचा था, ऐसे में आयुर्वेद का यह नया केंद्र मेडिकल टूरिज्म के लिहाज से बेहतर होगा। आयुष निदेशक प्रो. एसएन सिंह ने कहा कि मेडिकल टूरिज्म को धरातल पर उतारने के लिए विभाग ने प्रस्ताव तैयार करके केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। आयुर्वेद विभाग की चौबेपुर में जमीन इसके लिए चिह्नित कर ली गई है।
क्या है मेडिकल टूरिज्म
जब कोई व्यक्ति इलाज कराने के लिए दूसरे देश की यात्रा करता है तो उसे मेडिकल टूरिज्म यानि चिकित्सा पर्यटन कहते हैं। हर साल काफी संख्या में विदेशी चिकित्सा पर्यटन के लिए भारत आते हैं। भारत में सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा के लिए कई विकसित देशों के मरीज आ रहे हैं।
भारत में चिकित्सा सेवा की लागत पश्चिमी देशों की तुलना में 30 प्रतिशत कम है और दक्षिण पूर्व एशिया में सबसे सस्ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत ने 156 देशों में सुविधा के लिए ई मेडिकल वीजा और ई मेडिकल अटेंडेंट वीजा भी शुरू किया है।